बता दें कि 8618 किसानों पर 19.64 करोड़ रुपये की धनराशि ऋण के रूप में बकाया है। इससे बैंक का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। इसीलिए बैंक प्रशासन का लक्ष्य अब इस धनराशि को वसूल करना है।
17 साल पुराने हैं सैकड़ों ऋण लेने वाले
जिला सहकारी बैंक प्रशासन द्वारा जिन किसानों को नोटिस जारी की गई, उनमें सैकड़ों किसान ऐसे हैं, जिन्होंने लगभग डेढ़ दशक पूर्व बैंक से कर्ज लिया था, इसके बाद आज तक उन्होंने धनराशि नहीं लौटाई। ऐसे किसानों पर बैंक प्रशासन का विशेष जोर है। हर हाल में इन किसानों से ऋण की वसूली की जानी है।
एक मुश्त समझौता योजना भी हो रही संचालित
बकाया ऋण चुकाने में सहूलियत देने के लिए जिला सहकारी बैंक द्वारा एक मुश्त समझौता योजना भी संचालित की जा रही है। ये योजना 30 सितंबर तक लागू रहेगी। इसके तहत अलग-अलग समय सीमा के ऋण में अलग-अलग छूट का प्रावधान है।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अमित त्यागी ने बताया कि 31 मार्च 1997 से पूर्व के ऋण पर केवल मूलधन देना होगा, उनसे कोई ब्याज नहीं लगेगा। वहीं एक अप्रैल 1997 से 31 मार्च 2012 तक के ऋण पर मूलधन व उतना ही ब्याज जमा करना होगा। इसके अलावा एक अप्रैल 2012 से 31 मार्च 2017 के मध्य ब्याज पर 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
बैंक शाखावार बकाएदार और बकाया धनराशि
| शाखा का नाम |
बकाएदार |
धनराशि |
| मैनपुरी |
897 |
2.50 करोड़ |
| कुरावली |
984 |
1.96 करोड़ |
| भोगांव |
810 |
1.90 करोड़ |
| बेवर |
450 |
63 लाख |
| नवीगंज |
204 |
53 लाख |
| जागीर |
710 |
87 लाख |
| करहल |
520 |
1.19 करोड़ |
| सहन |
670 |
1.20 करोड़ |
| बरनाहल |
548 |
1.43 करोड़ |
| दिहुली |
62 |
नौ लाख |
| घिरोर |
822 |
2.28 करोड़ |
| औंछा |
553 |
98 लाख |
| किशनी |
540 |
2.08 करोड़ |
| कुसमरा |
848 |
1.94 करोड़ |
| कुल |
8618 |
19.64 करोड़ |
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक अमित त्यागी ने बताया कि जिले के 8618 किसानों पर जिला सहकारी बैंक द्वारा दिए गए ऋण की 19.64 करोड़ धनराशि बकाया है। उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। वे 30 सितंबर तक ऋण जमा कर एक मुश्त समझौता योजना का लाभ भी ले सकते हैं। इसक बाद आरसी जारी कराते हुए वसूली की कार्रवाई की जाएगी।