जिला अस्पताल में दवा काउंटर पर लगी मरीजों की भीड़।
मैनपुरी। बुखार और डायरिया के मरीज तेजी के साथ बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। शनिवार को जिला अस्पताल पहुंची डायरिया से पीड़ित रसोइया की उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं रिश्तेदारी में आई 17 दिन की बच्ची ने सांस लेने में दिक्कत के चलते दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल की ओपीडी में 907 मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया।
शनिवार को सुबह से ही जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भीड़ देखी गई। यहां सबसे अधिक मरीज बुखार, अस्थमा और डायरिया से पीड़ित पहुंचे। कोतवाली थाना क्षेत्र के गांव नगला हरसुख निवासी ईश्वर देवी (60) पत्नी बाबूराम नगला हरसुख के प्राथमिक विद्यालय में रसोइया का काम करती हैं। पिछले कुछ दिनों से उन्हें डायरिया की दिक्कत थी। परिजन उसका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। हालत बिगड़ने पर परिजन शनिवार को उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
जनपद एटा के थाना जसरथपुर के गांव नंदरौली निवासी इमरान की 17 दिन की पुत्री बेबी यहां शहर में एक रिश्तेदारी में अपनी मां पारो के साथ आई हुई थी। अचानक उसे सांस लेने में दिक्कत हुई। परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सीएमएस डॉ. मदनलाल का कहना था कि बच्ची को मृत अवस्था में ही लाया गया था। वहीं ईश्वर देवी को गंभीर हालत में ही लाया गया था। उन्हें हर संभव उपचार दिया गया।