कासगंज। कोतवाली क्षेत्र के गांव मनोटा में शनिवार की दोपहर में ग्रामीणों ने महिला के शव को कब्रिस्तान में दफनाने का विरोध किया। बाद में पहुंची पुलिस व प्रशासन की टीम ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया। इसके बाद शव को दफनाया जा सका। गांव मनोटा में शनिवार की सुबह करीब 3 बजे मुन्नी बेगम (90) की मृत्यु हो गई। दोपहर में जब परिजन शव को दफनाने के लिए कब्रिस्तान ले गए। तो ग्रामीणों ने विरोध कर दिया। उनका कहना था कि सभी मुस्लिमों के शव खेतों में दफनाए जाते हैं। इसलिए इनका शव भी खेतों में ही दफनाया जाए। उनका कहना था कि यह कब्रिस्तान ईसाईयों का है। इसमें मुस्लिम महिला को नहीं दफनाया जाएगा। सूचना पाकर चौकी इंचार्ज नरेश कुमार और स्थानीय लेखपाल राजेश यादव भी मौके पर पहुंच गए। इन्होंने ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत किया। इसके बाद महिला का शव कब्रिस्तान में दफनाया गया। एसडीएम सदर संजीव कुमार ने बताया कि कुछ लोग महिला के शव को दफनाने नहीं दे रहे थे। बाद में समझाने पर लोग मान गए। शव को दफना दिया गया है।