गंजडुंडवारा (कासगंज)। कस्बे में मुहर्रम जुलूस के दौरान समय की पाबंदी और ड्रम की तेज आवाज को लेकर पुलिसकर्मियों से ताजियेदारों का विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए लाठियां फटकारीं। पांच लोग लाठी लगने से घायल हो गए। लाठीचार्ज के खिलाफ लोगों में आक्रोश भड़क गया और वे धरने पर बैठ गए। विवाद बृहस्पतिवार को तड़के करीब 3 बजे के बाद शुरू हुआ। सुबह 9 बजे एडीएम राकेश पटेल एवं एएसपी राजेश भारती के जांच कर कार्रवाई के भरोसे के बाद विवाद का पटाक्षेप हुआ। विवाद के बाद कस्बे में अतिरिक्त पुलिसबल तैनात किया गया। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी निगरानी में जुटे हैं।पटियाली रोड तिराहा पर बृहस्पतिवार को तड़के करीब 3 बजे कस्बे के मोहल्ला पूरब थोक और पश्चिम थोक के ताजिये निकल रहे थे। सुरक्षा की दृष्टि से इन ताजियों के आगे-पीछे और बीच में पुलिस के जवान लगे हुए थे। जिससे ताजियेदारों में आपस में टकराव नहीं हो। यह ताजिये खतईया पीर दरगाह एटा रोड की ओर करबला में जा रहे थे। अनुमति सुबह 4 बजे तक की थी, लेकिन ताजियेदारों के बीच में आपसी प्रतिस्पर्धा चल रही थी। पुलिस ताजियेदारों को आगे बढ़ने की कह रही थी। इसी बीच विवाद हो गया। ताजियेदारों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस ने ड्रम छीनकर फेंक दिए और डंडा लेकर ताजियेदारों को पीटा। जुलूस में सादा कपड़े में तैनात पुलिस के सिपाही अश्वनी का फोटो वायरल होता रहा। इस सिपाही के हाथ में डंडा था और कई लोगों को उसने खदेड़ा। ताजियेदारों का आरोप था कि 5 लोग गुड्डू पुत्र हनीफ, अदनान पुत्र शिराजुद्दीन, अनीशा बेगम पत्नी मैनुद्दीन निवासी कादरगंज रोड, शाहरुख पुत्र शम्मी निवासी पश्चिम थोक, फैनी पुत्र हसीन निवासी पश्चिम थोक घायल हो गए। पुलिस से हुए विवाद के बाद ताजियेदार धरने पर बैठ गए। पुलिस के खिलाफ लोगों में काफी आक्रोश था। सीओ विजय राणा, इंस्पेक्टर विनोद कुमार आक्रोशित लोगों को समझाते रहे, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। सुबह एडीएम राकेश पटेल और एएसपी राजेश भारती मौके पर पहुंचे। उन्होंने धरने पर बैठे ताजियेदारों और सपा नेता अब्दुल हफीज गांधी से बातचीत की। गंजडुंडवारा थाने के दरोगा रामनाथ एवं सिपाही अश्वनी बघेल के खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी गई और एक लिखित शिकायत एडीएम व एएसपी को सौंपी। पुलिस ने जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया।