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Agra News: भूख हड़ताल कर रहे ठेका सफाई कर्मचारियों ने गधे को दिया ज्ञापन

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टूंडला में गधे को ज्ञापन देते भूख हड़ताल पर बैठे ठेका सफाईकर्मी - फोटो : TUNDLA
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टूंडला। बकाया मानदेय की मांग को लेकर पांच दिन से भूख हड़ताल पर बैठे ठेका सफाई कर्मचारियों का आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा। कर्मचारी नेताओं के साथ एसडीएम और ईओ के बीच हुई चौथे दौर की वार्ता भी विफल रही। धरना स्थल पर गधे को माला पहनाकर कर्मचारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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नगर में सफाई व्यवस्था के लिए ठेके पर 150 सफाईकर्मी रखे हुए हैं। उन्हें वर्ष 2021 का बकाया मानदेय नहीं मिला है। इसके लिए ठेका सफाई कर्मचारी पहले भी आंदोलन कर चुके हैं। 27 दिसंबर 2022 से उन्होंने पालिका गेट पर तालाबंदी कर हड़ताल कर दी। तीन दिनों तक प्रशासन ने सुनवाई नहीं की तो 30 दिसंबर से उन्होंने भूख हड़ताल शुरू कर दी।
मंगलवार को चौथी बार एसडीएम सत्येंद्र सिंह व ईओ सुरेंद्र प्रताप ने हड़ताली कर्मचारियों से वार्ता कर हड़ताल खत्म कराने का प्रयास किया। वार्ता का कोई समाधान नहीं निकला। इससे पूर्व ठेका सफाई कर्मचारियों ने गधे को माला पहनाकर ज्ञापन सामने रखकर विरोध जताया। भूख हड़ताल पर बैठे कर्मचारी नेता शैलेंद्र वाल्मीकि ने कहा है कि 74 लाख रुपये की ग्रांट आई हुई है लेकिन ईओ कर्मचारियों का भुगतान नहीं करना चाहते। ईओ चाहते तो आज ही हड़ताल समाप्त हो सकती थी।
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गंदगी से लोग परेशान, समाधान की मांग
ठेका सफाईकर्मियों की हड़ताल के चलते पूरा नगर गंदगी से अटा पड़ा है। दुकानदारों का कहना है कि गंदगी होने से उनकी दुकानदारी पर खासा असर पड़ रहा है। फुटपाथ वाले अपनी रेहड़ी आदि नहीं लगा पा रहे हैं। सरदार हरपाल सिंह, मनोज बंसल, विक्की बंसल, सीटू शर्मा, अखिलेश अग्रवाल, नरेन्द्र कटियार, अग्रज जैन, राकेश दीक्षित, आलोक धाकरे, उमेश गुप्ता ने समस्या के समाधान की मांग की है।
आज मुख्यमंत्री से मिलने लखनऊ जाएंगे कर्मचारी
भूख हड़ताल पर बैठे कर्मचारी नेता शैलेंद्र वाल्मीकि ने कहा है कि ईओ की हठधर्मिता के चलते हड़ताल खत्म नहीं हो पा रही है। वे उनके ऊपर झूठी भूख हड़ताल का आरोप लगा रहे हैं। अब ठेका कर्मचारी शांत नहीं बैठेंगे। बुधवार को लखनऊ रवाना होंगे। मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत कराएंगे।
हड़ताली ठेका कर्मचारियों से वार्ता हुई है लेकिन अभी कोई समाधान नहीं निकला है। शासन से जो ग्रांट आई है, उसमें से अन्य जरूरी खर्चों को निकालकर ठेका कर्मचारियों को देने पर निर्णय लिया जाना है। हड़ताली कर्मचारियों को पूरे बकाए के भुगतान के लिए समय देना चाहिए।
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सत्येंद्र सिंह, उपजिलाधिकारी
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