मथुरा-वृंदावन नगर निगम कार्यालय के समीप सुभाष इंटर कॉलेज के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीरें कूड़े में फेंक दी गईं। 16 जुलाई को कूड़े में तस्वीरें मिलने पर नगर निगम में खलबली मच गई। इस मामले में एक संविदा सफाईकर्मी की सेवा समाप्त कर दी गई थीं, जिसे जांच के बाद बहाल कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक संविदा सफाई कर्मी बॉबी पुत्र दुलीचंद द्वारा कूड़ा एकत्र किया जा रहा था। बताया गया था कि कूडे़ के ढेर में किसी ने साफ-सफाई करने के दौरान प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की तस्वीरें डाल दी थीं। यहां से गुजर रहे राजस्थान के श्रद्धालुओं ने उक्त सफाईकर्मी को टोका। इस पर वह बहस करने लगा। लोगों के समझाने पर सफाई कर्मचारी ने तस्वीरों को कूड़े से हटा दिया।
लोगों का कहना था कि सफाईकर्मी ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की तस्वीरों कूड़े से हटाई जरूर, लेकिन कार्यालय में रखने की बजाय कूड़े वाली ट्रॉली में डाल दीं। इसका वीडियो वायरल होने पर इसकी जानकारी अधिकारियों को हुई। वीडियो वायरल होने के बाद मामले की जांच कराई गई। इस संबंध में अपर नगर आयुक्त सतेंद्र तिवारी ने बताया कि संविदा सफाईकर्मी पर तत्काल कार्रवाई करते हुए उसकी सेवा समाप्त कर दी गई है।
इस कार्रवाई के बाद आरोपी सफाई कर्मी बॉबी पुत्र दुलीचंद ने एक पत्र नगर आयुक्त को लिखा, जिसमें उसने कहा कि वह अपने कृत्य पर शर्मिंदा है। उसके परिवार में छोटे-छोटे बच्चे हैं। भविष्य में वह इस प्रकार की लापरवाही नहीं करेगा। उसको सेवा का अवसर दिया जाए, जिस पर नगर निगम के अधिकारियों ने सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए अपने सेवा समाप्ति के आदेश को निरस्त कर उसको फिर से ड्यूटी पर बहाल कर दिया है।
सफाई कर्मचारी यूनियन के नेता महेश काजू ने निगम के अधिकारियों के बाहली आदेश की सराहना करते हुए कहा हैं कि सभी सफाई कर्मियों को पूर्ण कर्तव्य निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने कार्य को अंजाम देना चाहिए।