ताजनगरी आगरा में हाथरस के सादाबाद स्थित गांव गहचौली निवासी एबरन सिंह को बीमा कंपनी से क्लेम पाने में 20 साल लग गए। वो लगातार लड़ते रहे और माने तब जब इंसाफ मिल गया। सोमवार को उपभोक्ता आयोग प्रथम के अध्यक्ष सर्वेश कुमार और सदस्य अरुण कुमार ने बीमा कंपनी की ओर से दिया गया 9.68 लाख रुपये का चेक उन्हें प्रदान किया।
ये है मामला
एबरन सिंह ने वर्ष 1999 में नई मार्शल जीप खरीदी थी, जिसका बीमा न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से कराया था। एबरन सिंह के अनुसार, सप्ताह बाद ही बदमाशों ने उनके चालक कोमल सिंह की हत्या कर दी। शव को भरतपुर में फेंक जीप को लूट ले गए। उन्होंने मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद एबरन सिंह ने न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी में क्लेम प्रस्तुत किया। सर्वेयर की रिपोर्ट के बाद बीमा कंपनी ने उनका 3.47 लाख रुपये का क्लेम तय किया। कुछ समय बाद दोबारा सर्वेयर भेजा और क्लेम की शर्तों का उल्लंघन बताकर दावा खारिज कर दिया।
नहीं मानी हार
एबरन सिंह ने हार नहीं मानी। वर्ष 2002 में उपभोक्ता आयोग प्रथम में बीमा कंपनी से क्लेम के लिए दावा प्रस्तुत किया। वर्ष 2010 में आयोग ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया। बीमा कंपनी को 3.47 लाख रुपये की धनराशि अदा करने के आदेश किए।
बीमा कंपनी राज्य उपभोक्ता आयोग में चली गई
बीमा कंपनी इस फैसले के खिलाफ वर्ष 2010 में राज्य उपभोक्ता आयोग में चली गई। आयोग ने भी वर्ष 2020 में एबरन सिंह के पक्ष में फैसला सुनाया। बीमा कंपनी को आदेश दिया कि वादी को 3.47 लाख रुपये ब्याज सहित दिए जाएं। वर्ष 2020 और 2021 में कोरोना और अन्य कारणों से चेक नहीं मिला। शनिवार को उपभोक्ता अदालत में उन्हें 9.68 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया।