फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agra: शोरूम से खरीदी नई बाइक सेल्फ स्टार्ट नहीं हुई तो ठोंक दिया केस, कंपनी देगी बाइक की कीमत और क्षतिपूर्ति

Sun, 24 Jul 2022 11:47 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग द्वितीय के यहां मामले में मुकदमा प्रस्तुत किया गया था। बाइक  ट्रांसपोर्ट नगर स्थित शोरूम से खरीदी गई थी। सेल्फ की समस्या होने पर पीड़ित ने बाइक वापस कर दी।
 
विज्ञापन
कोर्ट। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा में शोरूम से खरीदी गई बाइक में सेल्फ की दिक्कत आई। इस पर कंपनी में शिकायत की। तीन बार बाइक बदलने पर भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। बाद में कंपनी ने बाइक अपने यहां खड़ी करा ली। इसके बावजूद खराब बाइक ही देने का दबाव बनाया। पीड़ित ने उपभोक्ता आयोग द्वितीय में मुकदमा प्रस्तुत किया। जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग द्वितीय ने ट्रांसपोर्ट नगर स्थित टीएनटी मोटर्स के मालिक गुरुनाम सिंह और नई दिल्ली की यूएन लोहिया टू व्हीलर प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजर को बाइक की कीमत और क्षतिपूर्ति दिलाने के आदेश किए हैं।

ये है मामला 

इस मामले में हाथरस निवासी विकास बाबू भदौरिया ने उपभोक्ता आयोग द्वितीय में मुकदमा प्रस्तुत किया था। इसमें कहा कि उन्होंने टीएनटी मोटर्स, बाईपास रोड से 31 मार्च 2017 को यूएन लोहिया टू व्हीलर कंपनी की बाइक खरीदी। बाइक के बारे में बताया गया कि उनकी बाइक अन्य कंपनी की बाइक से काफी अच्छी है। दो साल की गारंटी है। मौखिक रूप से कहा कि बाइक सही नहीं चलने पर रकम वापस कर दी जाएगी। इस पर उनसे यह सब लिखित में देने के लिए कहा। विक्रेता ने बाइक खरीदने पर गारंटी पर लिखने के लिए कहा।

 2.31 लाख रुपये खरीदी थी बाइक 

इस पर विकास बाबू भदौरिया ने विश्वास कर लिया। 2.31 लाख रुपये का भुगतान कर बाइक खरीद ली। कंपनी ने अपने अभिलेख में बाइक की कीमत 180396 रुपये दर्शायी। ट्रांसपोर्ट के भी 20 हजार रुपये लिए गए। मगर, गारंटी कार्ड और नियमावली प्रपत्र नहीं दिए। बाइक का सेल्फ काम नहीं करने पर दूसरी बाइक दी। उसका भी सेल्फ काम नहीं किया। इस पर कंपनी ने तीसरी बाइक दी। उसमें भी यही समस्या आई।

कंपनी ने न तो रकम दी और न ही बाइक वापस की

इसकी शिकायत करने पर बाइक खड़ी करवा ली। मगर, नई बाइक नहीं दी। इस पर वो किश्त चुकाते रहे। इसके बाद कंपनी ने न तो रकम दी और न ही बाइक वापस की। छह अक्तूबर 2017 को उल्टे उनको नोटिस भेजकर कर कहा कि आपकी बाइक शोरूम पर खड़ी है। इसे ले जाएं। अगर, ऐसा नहीं करेंगे तो 250 रुपये प्रतिदिन का चार्ज किया जाएगा। वह शोरूम पर गए, लेकिन सेल्फ की दिक्कत आई। इसके बारे में कहने पर अभद्रता कर दी।

दिया क्षतिपूर्ति का आदेश 

उपभोक्ता आयोग द्वितीय के अध्यक्ष आशुतोष, सदस्य पारुल कौशिक और राजीव सिंह ने वादी का परिवाद स्वीकृत कर लिया। उसे विपक्षी से 199620 रुपये के अतिरिक्त शारीरिक, मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में 25 हजार रुपये भी दिलाने के आदेश किए।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें