मैनपुरी। खाद्य पदार्थों में मिलावट करने और नियमों का उल्लंघन पर 11 विक्रेताओं के विरुद्ध मुकदमा दायर किया गया है। बफी और बूंदी में अखाद्य रंग मिला। इसे जांच में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया गया। जांच में नमूने फेल होने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने अपर जिलाधिकारी न्यायालय में मुकदमा दायर कराया है। बीते कुछ माह में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर ेसे भेजे गए नमूने में से 11 नमूने जांच में अधोमानक पाए गए। कुछ में मिलावट की गई थी तो वहीं कुछ में नियमों का उल्लंघन मिला।
इन विक्रेताओं पर दर्ज हुआ केस
-रवींद्र सिंह, नगला मीर, दूध में पानी की मिलावट।
-अनुज कुमार, नगला खुनी, बूंदी के लड्डू में अखाद्य रंग।
-वीरेंद्र, नगला खुनी, बर्फी में अखाद्य रंग।
-कईमुद्दीन, कुसमरा, टॉफी की पैकिंग में कमी।
-कईमुद्दीन, कुसमरा, टॉफी की पैकिंग में कमी।
-बृजकिशोर, दरीबा, हल्दी पाउडर की लेबलिंग सही नहीं।
-अभिषेक सक्सेना, चौथियाना, मुनक्का की लेबलिंग सही नहीं।
-रमन कुमार, धीरपुर, पनीर में घी की कमी।
-अजीत, नगला परौंख, मिश्रित दूध में पानी की मिलावट।
-बालिस्टर सिंह, आवास विकास, सरसों तेल में मिलावट।
-बब्लू, रुकनपुर, रस्क की लेबलिंग सही नहीं।
---
खाद्य पदार्थों में मिलावट व नियमों का उल्लंघन करने पर विक्रेताओं के विरुद्ध मुकदमा दायर किया गया है। अपर जिलाधिकारी द्वारा मामलों में सुनवाई के बाद जुर्माना लगाया जाएगा।
-डॉ. टीआर रावत, सहायक आयुक्त द्वितीय (खाद्य)।