कासगंज। शासन ने कोचिंग सेंटरों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। प्रशासन नए मानकों के क्रियान्वयन को लेकर सख्त हो गया है। मानकों का पालन नहीं करने वाले कोचिंग सेंटर कार्रवाई के लपेटे में आ सकते हैं। जिले में 33 पंजीकृत कोचिंग सेंटर संचालित है।जिले में जगह- जगह कोचिंग सेंटर खुले हुए हैं। इनमें युवा कोचिंग के माध्यम से पुलिस, सेना प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। इनमें मानकों का ध्यान नहीं दिया जाता। इनमें छात्रों की सुरक्षा के लिए ही कोई इंतजाम रहते हैं और न ही उनकी सुविधा का ही ध्यान रखा जाता है। दिल्ली में कोचिंग सेंटर हादसे की घटना के बाद कोचिंग सेंटरों पर शिकंजा कसा जा रहा है। कई कोचिंग सेंटर बंद भी कराए गए हैं। काेचिंग सेंटरों की मनमानी रोकने के लिए शासन से नई गाइड लाइन भी जारी की गई है। प्रत्येक कोचिंग सेंटर संचालक को इन गाइडलाइन का पालन करना होगा। इनका पालन नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी।जिला विद्यालय निरीक्षकपीके मौर्य का कहना है कि शासन से कोचिंग सेंटर संचालित करने के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है। इनका पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। संचालित कोचिंग की जांच की जा रही है। मानक पूरे नहीं मिलने पर कार्रवाई होगी।
नई गाइडलाइन के पांच प्रमुख बिंदु:
1- कोई भी कोचिंग संस्थान 16 वर्ष से कम उम्र के छात्रों को अपने संस्थान में दाखिला नहीं देगा। इससे पहले कोचिंग संस्थान 12 वीं कक्षा से पहले के बच्चों को दाखिला दे सकते थे।
2- बीच में कोचिंग छोड़ने वाले विद्यार्थियों को बाकी फीस 10 दिन में लौटानी करनी होगी। पहले यह व्यवस्था नहीं थी।
3- ग्रेजुएट से कम योग्यता वाले शिक्षक नियुक्त नहीं होंगे।
4- कोचिंग सेंटर पर सुरक्षा संबंधी निर्देश का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करना होगा।
5- गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर कोचिंग सेंटर पर 25000 रुपये का जुर्माना हो सकता है