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Mathura: वृंदावन में सीएम योगी आदित्यनाथ बोले- धर्म केवल पूजा पद्धति नहीं, मानवता के कल्याण के लिए खुद को समर्पित करने की होती है भावना

Mon, 06 Jun 2022 09:08 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

सीएम योगी ने वृंदावन में बांके बिहारी के दर्शन किए, जिसके बाद वे रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम चेरिटेबल हॉस्पिटल में पहुंचे, जहां नवनिर्मित कैथलैब का लोकार्पण किया। 
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स्वामी विवेकानंद ऑडिटोरियम में बोलते हुए सीएम योगी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी  ने सोमवार को वृंदावन में रामकृष्ण मिशन सेवा संस्थान द्वारा संचालित कैथलैब का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि रामकृष्ण मिशन की सेवा के पवित्र काम के लिए रेल विकास निगम ने सीआरएस फंड का सही सदुपयोग किया है। अब मरीजों को अस्पताल में बेहतरीन स्वास्थ्य सेवा मिलेंगी। कोरोना काल का जिक्र करते हुए कहा कि हमारा हैल्थ प्रबंधन उस वक्त मजबूत नहीं था, लेकिन धर्मार्थ संस्थाएं आगे आईं और कोरोना को मात मिली। 

कोरोना महामारी में खुल गई काम न करने वाली संस्थाओं की पोल

सीएम योगी ने कहा कि धर्म केवल पूजा पद्धति नहीं है, मानवता के कल्याण के लिए खुद को समर्पित करने की भावना होती है। कैथलैब का उद्घाटन करने से पहले सीएम श्रीबांकेबिहारी के दर्शन करने पहुंचे। सीएम योगी ने कहा कि 2018 में राष्ट्रपति के साथ आने का अवसर मिला था। इसके बाद सदी की सबसे बड़ी महामारी कोरोना दुनिया में आई। सबका सेवाभाव इस दौरान देखने को मिला। कोरोना के दौरान काम न करने वाली संस्थाओं की पोल खुली। कोरोना की दूसरी लहर में खतरा अधिक था। उस दौरान मथुरा-वृंदावन का भी दौरा किया और पूरे अभियान को समझने का मौका मिला। उस समय रामकृष्ण मिशन जैसी धर्मार्थ संस्थाएं आगे आईं। बेहतर चिकित्सा व्यवस्था रामकृष्ण मिशन दे रहा है। 

मुख्यमंत्री राहत कोष से सरकार भी करेगी मदद 

सीएम योगी ने कहा कि पिछले 114 वर्ष से स्वामी विवेकानंद ने संस्था पूरे देश में मानव कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य में बेहतर काम किया। हॉस्पिटल में स्वच्छता देखने लायक है। अस्पताल में स्वच्छता पहला मानक है। प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में स्वच्छता अभियान की शुरुआत की थी। सुपर स्पेशलिस्ट की सुविधा में न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी जैसी सुविधा लोगों को मिल रही हैं। सामान्य रूप से कैथलैब 5 करोड़ में लगती है। रेल विकास निगम ने सीएसआर के तहत मदद की। आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से अस्पताल जुड़े। आयुष्मान भारत की योजना जुड़ेगी तो अस्पताल के सामान्य खर्चे कम होंगे। अस्पताल को मुख्यमंत्री राहत कोष से सरकार भी मदद देगी।

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