सोरोंजी। तीर्थनगरी के कई संगठनों ने सांसद राजवीर सिंह और शिक्षक एमएलसी मानवेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपकर तुलसी जन्मस्थान को लेकर सीएम के विवादित ट्वीट के खंडन की मांग की है। लोगों ने कहा कि सोरोंजी सूकरक्षेत्र ही संत तुलसीदास की जन्मस्थली है, लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय के ट्वीट में राजापुर को तुलसी जन्मस्थान बताते हुए ट्वीट किया गया। इसका खंडन जरूरी है।
तीर्थनगरी के भाजपा, अखंड आर्यावर्त निर्माण संघ, ब्राह्मण कल्याण सभा, नमामि गंगे, संत तुलसीदास नगर विकास समिति के कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन देकर यह मांग उठाई। अखंड आर्यावर्त निर्माण संघ के अध्यक्ष भूपेश शर्मा ने कहा कि पौराणिक काल से तुलसी जन्मभूमि सोरोंजी सूकरक्षेत्र ही है। गजेटियरों, विद्वानों के शोधपत्रों में सोरोंजी ही तुलसीदास की जन्मभूमि सिद्ध है। भाजपा नमामि गंगे के प्रदेश सह संयोजक रामेश्वर दयाल महेरे ने कहा कि तुलसीदास जी का गर्भगृह, उनके गुरु नरहरि की पाठशाला, बदरिया स्थित उनकी पत्नी रत्नावली का गृह आदि तमाम तुलसी से जुड़ी ऐसी प्राचीन धरोहरें आज भी जीवंत हैं। नमामि गंगे के जिला संयोजक श्रीकांत तिवारी ने कहा कि सोरोंजी सूकरक्षेत्र में जन्मे संत तुलसीदास ने राजापुर बसाया था। ऐसे तमाम पौराणिक ग्रंथों दस्तावेजों में मौजूद प्रमाणों को झुठलाकर यहां के बाशिंदों की भावनाओं से खिलवाड़ किया जा रहा है। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश पटियात, ब्राह्मण कल्याण सभा के अध्यक्ष शरद पांडेय ने भी तुलसीदास के जन्मस्थल के प्रमाणों की जानकारी दी और तुलसी शोध संस्थान तीर्थनगरी में बनवाने की मांग की। सांसद ने इस मामले में मुख्यमंत्री से वार्ता कर उन्हें वास्तविकता से अवगत कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान कौशल किशोर साहू, कपिल पंडित, श्याम दीक्षित, पवन दुबे, राघव बौहरे, संतोष फरसेवार, सोनू मौजूद रहे।