नेकी की दीवार के पास पड़े कपड़े
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आगरा के हरीपर्वत चौराहे के नजदीक छह साल पहले गरीबों तक जरूरत का सामान पहुंचाने के मकसद से कुछ युवाओं ने नेकी की दीवार बनाई थी। यहां लोग कपड़े दान कर जाते हैं, जिन्हें जरूरतमंद अपनी जरूरत के मुताबिक ले जाते हैं, लेकिन खुले आसमान के नीचे होने के कारण बरसात में दान के कपडे़ भीगकर खराब हो जाते हैं। ऐसे में नेकी की इस दीवार पर थोड़ी और नेकी कर टिनशेड लगाने की जरूरत है।
नेकी के उद्देश्य से हुआ था निर्माण
हरीपर्वत चौराहा के पास नेकी की दीवार 2016 में बनाई गई थी। सामाजिक संस्था लाड़ो एंड एफर्ट से जुड़े युवाओं ने शुरुआत की। शुभारंभ तत्कालीन जिलाधिकारी गौरव दयाल ने किया था। दीवार का उद्देश्य था ऐसा सामान पहुंचाना जो जरूरतमंदों के काम आ सके। दीवार पर लोग पुराने कपड़े छोड़ कर जाते हैं और जरूरतमंद बेरोकटोक ले जा सकते हैं। अक्सर रात में कमजोर तबके के लोग यहां कपड़े छांटते हुए नजर आते हैं। तेजवीर बताते हैं कि दो साल बाद नगर निगम ने रखरखाव अपने हाथों में ले लिया था।
टिनशेड की हो व्यवस्था
समाजसेवी रेणुका डंग ने बताया कि जिन संस्थाओं या समाजसेवी लोगों ने यह नेकी का काम शुरू किया था, उन्हें टिनशेड जैसी व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि दान करने वाले का सामान खराब न हो। हमारी संस्था गुरुमे क्लब ने भी चार साल तक इसका रखरखाव किया था।