सहावर क्षेत्र के गांव भीकमपुर के खेत में खड़ी चकोरी की फसल ।
कासगंज। जिले में बढ़ते तापमान से चकोरी की खेती प्रभावित हो रही है। इन दिनों किसान चकोरी की सिंचाई कर रहे हैं लेकिन तापमान उतार-चढ़ावे के कारण सिंचाई से गलाव पड़ रही है। अधिक तापमान में सिंचाई नहीं करने से फसल सूख रही है। ऐसे में इसकी खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिले में लगभग पांच हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में चकोरी की खेती की जाती है। किसानों से चकोरी की खरीद करने वाले 25 प्लांट भी संचालित हैं। चकोरी की खेती की बुवाई अक्तूबर और नवंबर माह में हो जाती है और अप्रैल मई तक इसकी फसल तैयार हो जाती है। किसानों को चकोरी की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न कंपनियां प्लांट संचालकों के माध्यम से किसानों को बीज देती हैं। किसान भी उत्साह के साथ चकोरी की खेती कर रहे हैं। एक रोचक तथ्य है कि चकोरी की खेती को पशु भी नुकसान नहीं पहुंचाते। मौसम गर्म होने के कारण चकोरी की फसल पर इसका असर हो रहा है। न्यूनतम व अधिकतम तापमान में काफी अंतर है। न्यूनतम तापमान 17 डिग्री पर चल रहा है। वहीं, अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस है। किसान बढ़ते तापमान के कारण चकोरी की फसल प्रभावित होने से चिंतित हैं।