श्रीमद् भागवत कथा में सुदामा चरित्र की कथा सुनते हुए श्रद्धालु।
खेरागढ़। कस्बा के सैंया रोड स्थित सुंदर मैदान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन मंगलवार को भक्ति की अविरल धारा बही। कथा व्यास ने सुदामा चरित्र, सुभद्रा हरण और राजा परीक्षित मोक्ष के प्रसंग सुनाए। कथा व्यास ने बताया कि सच्ची मित्रता में ऊंच-नीच और अमीरी-गरीबी का कोई स्थान नहीं होता। सुदामा का निस्वार्थ प्रेम और भगवान का भक्तवत्सल रूप आज के समाज के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने संदेश दिया कि निस्वार्थ भाव ही मानव जीवन का वास्तविक धन है। कथा व्यास ने समझाया कि यह संसार नश्वर है, केवल ईश्वर की भक्ति ही जीव को जन्म-मरण के बंधन से मुक्त करा सकती है। इस अवसर पर परीक्षित रामदास सिकरवार, किसान नेता भुवनेश्वर पौनिया, एडवोकेट मनोज तोमर, लेखराज सिंह, प्रधान देव प्रकाश, संजीव सिकरवार, डॉ. विनय पाठक उपस्थित रहे।