बाह। कोटा बैराज से बुधवार को 1.22 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से चंबल नदी उफान पर है। इससे कछार में बसे 38 गांवों में बाढ़ की आशंका से लोग परेशान हैं।
राजस्थान में हो रही बारिश और कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने से बाह में चंबल नदी बृहस्पतिवार को 3 मीटर बढ़ी थी। शुक्रवार को आधा मीटर और पानी चढ़ गया। इससे यहां चंबल नदी का जलस्तर 118.50 मीटर हो गया है। जलस्तर बढ़ने से बाह क्षेत्र के 38 गांवों के कछार की फसलें डूब गईं हैं। नदी के निचले इलाके के खादर और बीहड़ से जुडे रास्तों में भी पानी भर गया है। बाढ़ की आशंका से लोगों की नींद उड़ी हुई है।
वहीं बाढ़ के खतरे के मद्देनजर तहसील प्रशासन ने एहतिहातन 8 चौकियां गठित की है। एसडीएम बाह रतन वर्मा ने लेखपालों को 24 घंटे चंबल नदी के जलस्तर पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। बाह के रेंजर आरके सिंह राठौड ने बताया कि खादर के जरिये बीहड़ तक जलीय जीव मगरमच्छ आदि के आने के मद्देनजर ग्रामीणों को नदी किनारे के बीहड़ में न जाने की हिदायत दी गई है।