मैनपुरी। सीडीओ नेहा बंधु ने जिलाधिकारी के निर्देश पर सौ शैया मातृ एवं शिशु अस्पताल में महिलाओं के उपचार आदि की जांच की। जांच के दौरान एक तीमारदार ने जांच के नाम पर रुपये लेने की बात कही। तो वहीं एक अन्य तीमारदार ने मरीज को बिना जांच के ही रेफर किए जाने की शिकायत की। सीडीओ ने दोनों ही मामलों में सीएमएस को जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
सौ शैया अस्पताल में सीडीओ जब निरीक्षण के लिए पहुंची तो यहां मौजूद पुष्पा देवी ने बताया कि उनकी पुत्री मीना प्रसव के लिए यहां भर्ती है। उसकी खून की जांच के नाम पर यहां उससे 2100 रुपये लिए गए हैं। सीडीओ ने यहां डिलेवरी रूम के बाहर एक महिला को प्रसव के लिए बाहर ले जाते देखा तो रुकवा लिया और पूछा कि उसे किसने रेफर किया है। इस पर बताया गया कि डिलेवरी रूम से उसे रेफर किया गया है। सीडीओ ने नेहा को भर्ती कराते हुए उसका प्रसव सौ शैया अस्पताल में कराने के निर्देश दिए। सीडीओ ने मौके पर मौजूद स्टाफ से पूछा कि नेहा को क्यों रेफर किया गया तो काई जवाब नहीं दे सका। इस पर सीडीओ ने नाराजगी की प्रकट की। सीडीओ ने जांच के नाम पर रुपये लेने और प्रसूता को रेफर किए जाने के मामलें में सीएमएस महिला अस्पताल शशांक को जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सीडीओ ने सीएमएस से कहा कि सभी महिला डॉक्टर प्रतिदिन सीजेरियन प्रसव कराएं।