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सावधान: एप से मनी ट्रांसफर के बाद करें लॉग आउट

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मैनपुरी। इंटरनेट के बढ़ते चलने के साथ ही ऑनलाइन मनी ट्रांसफर भी तेजी के साथ लोगों के बीच लोकप्रिय हुआ है। कई एप के जरिए लोग पलक झपकते ही रुपये दूसरे के खाता में ट्रांसफर कर देते हैं और लोग साइबर अपराधियों का शिकार होकर अपनी पूंजी गवां देते हैं। साइबर एक्सपर्ट बताते हैं कि मनी ट्रांसफर के बाद लॉग आउट कर इस धोखाधड़ी से बचा जा सकता है।
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इंटरनेट के इस्तेमाल के दौरान यदि सावधानी बरती जाए तो धोखाधड़ी से बचा जा सकता है। साइबर सेल प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि बदलती टेक्नोलॉजी के साथ हमको भी बदलना आवश्यक है। हम नहीं बदलेंगे तो साइबर अपराधी अपराध करते रहेंगे। हम मोबाइल, लैपटॉप में इंटरनेट का प्रयोग करते हैं, लेकिन सुरक्षा कैसे की जाती है, इसको लेकर लोग सजग नहीं है। आप कोई ट्रंाजेक्शन एप या बैंक की ऑन लाइन सर्विस का उपयोग करते हैं। साइबर अपराधी ऑनलाइन आपका पर्सनल डाटा चुरा कर वारदात अंजाम देते हैं। इसलिए सतर्क रहें और जब भी कोई ऑनलाइन ट्रंासजेक्शन करें तो लॉग आउट अवश्य करें।
इन बातों का हमेशा रखें ध्यान
अपने आईडी पासवर्ड को हमेशा याद रखें, समय समय पर पासवर्ड भी बदलते रहें। लॉगिन, यूजरनेम और पासवर्ड भी गोपनीय रहे। मोबाइल फोन, लैपटॉप में एंटी वायरस रखें। यवायरस को नष्ट करता है। अंजान लिंक या मोबाइल पर आए नोटिफिकेशन पर बिना जानकारी के क्लिक न करें। यदि मोबाइल कंप्यूटर दूसरे व्यक्ति को बेचने से पहले आईडी को रिमूव अवश्य कर दें।
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यह लोग हो चुके हैं ठगी का शिकार
-भोगांव क्षेत्र के गांव जगत नगर निवासी प्रिया वर्मा के नंबर से फर्जी यूपीआई बनाकर साइबर ठगों ने खाते से करीब 14000 रुपये निकाल लिए थे। शिकायत के बाद साइबर सेल ने खाते से निकाले गए रुपये वापस कराए थे।
-दन्नाहार क्षेत्र के गांव घिटौली निवासी निशा ने ऑनलाइन नौकरी के लिए आवेदन किया था। इसके बाद ठगों ने उनसे संपर्क कर खाते से हजारों रुपये निकाल लिए थे। पीड़िता की ओर से एसपी को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी।
-करहल के मोहल्ला काजी निवासी आजम खान के मोबाइल पर एक अंजान लिंक आया। इसे खोलते ही उनके खाते से करीब पांच हजार रुपये से अधिक की धनराशि दूसरे खाते में ट्रांसफर हो गई थी। साइबर सेल ने पीड़ित के रुपया वापस कराए थे।
अंजान मैसेज लिंक या मोबाइल पर आए नोटिफिकेशन को बिना जानकारी क्लिक न करें। मनी ट्रांसफर एप, नेट बैंकिंग के उपयोग के तुरंत बाद लॉग आउट करें। ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होते हैं तो तत्काल हेल्पलाइन नंबर, साइबर सेल, या स्थानीय थाना में सूचना दें।
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विक्रम सिंह, स्वाट/साइबर सेल प्रभारी
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