अदालत में झूठी गवाही देनेे पर मुकदमा दर्ज
- बेटी केे साथ छेड़छाड़ करने की लिखाई थी रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अदालत में झूठी गवाही देने वाली महिला के खिलाफ स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट के आदेश पर अदालत में ही मुकदमा दर्ज किया गया है। महिला द्वारा झूठी गवाही देने के कारण किशोरी से छेड़छाड़ करने के चार आरोपी सगे भाई बरी किए जा चुके हैं।
थाना कुर्रा क्षेत्र में नौ साल पहले एक किशोरी के साथ छेड़छाड़ करने के आरोपी चार सगे भाइयों के मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट जितेंद्र मिश्रा के न्यायालय में हुई थी। एक महिला ने अपनी बेटी के साथ छेड़छाड़ करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट के न्यायालय में हुई। मुकदमे की सुनवाई के दौरान रिपोर्ट लिखाने वाली महिला ने पुलिस को दी गई गवाही का अदालत में दी गई गवाही में समर्थन नहीं किया।
पीडि़ता ने भी गवाही के दौरान आरोपियों को पहचानने से मना कर दिया। पीड़िता द्वारा पहचानने से मना करने पर घटना को ही संदिग्ध मानते हुए किशोरी के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप से चारों भाइयों को बरी कर दिया गया। विशेष लोक अभियोजक शैलेंद्री राजपूत के प्रार्थना पत्र पर स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट जितेंद्र मिश्रा के आदेश के बाद अदालत में ही झूठी गवाही देने वाली महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
यह थी घटना
थाना कुर्रा क्षेत्र एक गांव में दस अप्रैल 2014 को गांव के ही चार सगे भाई प्रवेश, लक्ष्मण, सूरज, सुनील के खिलाफ एक किशोरी के साथ छेड़छाड़ करने की रिपोर्ट लिखाई गई थी। घटना के दो महीने बाद सात जून 2014 को लिखाई गई रिपोर्ट की जांच करने के बाद पुलिस ने चारों भाइयों को दोषी पाकर मुकदमे की सुनवाई करने के लिए चार्जशीट न्यायालय में भेज दी थी। किशोरी की मां की झूठी गवाही के बाद आरोपी बरी किए जा चुके हैं।