साहब, दुकान तो उजड़ गई। अब कार्रवाई का इंतजार है। मुझे हार्टअटैक पड़ चुका है। बेटा कोमा में है। इलाज चल रहा है। पत्नी भी बीमार रहती है। 30 साल से दुकान लेकर घर का खर्च चला रहे थे। दुकान खाली करने के लिए मालिक दबाव डाल रहा था। उससे जून तक का समय मांगा था, फिर भी उसने एक रात में तीन दुकानों को बुलडोजर से ढहा दिया। सामान तक नहीं दिया। इसे ट्रैक्टर ट्राॅली में भरकर ले गया। यह दर्द है विजय कुमार छाबड़ा का। सोमवार को वह पत्नी और नातिन के साथ डीसीपी सिटी सूरज राय से गुहार लगाने आए थे।
उन्होंने बताया कि शहीद नगर पुलिस चौकी के पास तीन दुकानों में मोबाइल एसेसरीज का कारोबार करते थे। यह किराये ले रखी थीं। दुकान मालिक अशोक शर्मा ने जमीन बिल्डर को बेच दी है। इस कारण दुकान खाली करने के लिए बोल रहे थे। परिवार की स्थिति ऐसी नहीं थी कि इस समय कहीं जा पाएं। बेटा एक हादसे में घायल हुआ था। वह कोमा में चला गया। उसका इलाज चल रहा है। वह अकेले ही बेटे का खर्च उठा रहे हैं। उसकी एक मासूम बेटी और पत्नी हैं। वह खुद बीमार रहते हैं।
पीड़ित दुकानदार की बात सुनने के बाद डीसीपी सिटी ने एसीपी सदर और इंस्पेक्टर सदर से बात की। उनसे कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। यह भी कहा कि अगर, सामान ट्रैक्टर-ट्राॅली में भरकर ले जाया गया है तो डकैती की धारा की वृद्धि की जाए। मामला गंभीर है। सामान की बरामदगी की जानी चाहिए। आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए।