आगरा में सिंचाई विभाग की बेशकीमती अरबों रुपये की जमीनों से कब्जे हटाने के सिंचाई विभाग का बुलडोजर दौड़ेगा। अवैध निर्माण ध्वस्त होंगे। इसके लिए विभाग ने जिलाधिकारी से पुलिस बल मुहैया कराने का अनुरोध किया है।
अमर उजाला ने बृहस्पतिवार के अंक में चोरी हो गई नहरों की 100 हेक्टेयर जमीन शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई। सिकंदरा राजवाह की 7 किमी, पार्क माइनर की 8 किमी, 4 किमी दयालबाग नहर और 3 किमी मघटाई नहर धरातल से गायब हो चुकी है। अधीक्षण अभियंता जीपी श्रीवास्तव ने बताया कि कब्जे चिह्नित कर लिए हैं। कब्जेदारों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
डीएम से फोर्स उपलब्ध कराने के लिए कहा है ताकि कब्जों को ध्वस्त करते समय शांति व्यवस्था न बिगड़े। उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्र में सिंचाई विभाग की सरकारी जमीनों को खुर्दबुर्द करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी। शहर में 100 हेक्टेयर से अधिक जमीन पर सर्वे में अवैध कब्जे मिले हैं। सर्किल रेट के हिसाब से जमीनों का बाजार मूल्य 150 करोड़ रुपये से अधिक है।
मिलीभगत से हुए कब्जे
जन प्रहरी के संयोजक नरोत्तम शर्मा का आरोप है कि नहर भूमि पर हुए कब्जों में विभागीय अधिकारी व कर्मचारियों की मिलीभगत है। कब्जेदारों से विभागीय अधिकारी व कर्मचारी उपकृत हो रहे हैं। कार्रवाई के नाम पर रस्म अदायगी की जा रही है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिख अधिकारी व कर्मियों की भूमिका की जांच की मांग की है।