आगरा के फतेहाबाद में उटंगन नदी पर रिसॉर्ट बनाकर किए गए कब्जे की अमर उजाला में दो मई को प्रकाशित खबर पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने स्वत: संज्ञान लिया था, जिसके बाद आज यहां पुल ध्वस्त किया गया। बाह और फतेहाबाद तहसील के प्रशासन द्वारा अवैध पुल तोड़ने का कार्य शुरू जारी है। बता दें इस नदी पर बने पुल से पानी के प्रवाह रुकने से किसानों को सिंचाई के लिए परेशानी हो रही थी। नदी किनारे निजी रिसोर्ट करोड़ों रुपए के बजट से बनाया जा रहा है। पुल तोड़ने के लिए पोकलेन और जेसीबी मशीनों का प्रयोग हो रहा है। यहां भारी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद है।
कान्हा इन्फ्रा एस्टेट के अमिय रिसॉर्ट के लिए बनाए गए अवैध पुल के निर्माण के दौरान नदी का पानी बांध बनाकर रोक दिया गया था। मामले में एनजीटी ने स्वत: संज्ञान लिया, लेकिन उससे पहले पूर्व मंत्री अरिदमन सिंह और विधायक पक्षालिका सिंह ने जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के सामने मामला रखा था। पूर्व मंत्री अरिदमन सिंह के मुताबिक नदी, तालाब के कैचमेंट एरिया में किसी भी सूरत में निर्माणों के अतिक्रमण को वैध नहीं ठहराया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत जोहड़-पोखर अपरिवर्तनीय हैं। प्रशासन पूरे मामले की जांच करे कि रिसॉर्ट निर्माण स्थल पर कहीं वन विभाग एवं सरकारी जमीन का उपयोग तो नहीं किया गया है।
सरकारी जमीन के इस्तेमाल की जांच
रिसॉर्ट स्वामी ने उटंगन नदी पर अवैध पुल का निर्माण किया था, जिसे तोड़ने का काम शुरू कराया गया है। निर्माण की भी जांच की जा रही है। इसकी जमीन की भी जांच की जा रही है। -अनिल कुमार एसडीएम फतेहाबाद
निर्माण पहले, अनुमति मिली बाद में
बाह के अरनौटा में श्री कान्हा एस्टेट के अमिय रिसॉर्ट का निर्माण कार्य पहले ही शुरू हो गया था, लेकिन जिला पंचायत से इनकी अनुमति 10 अप्रैल 2023 को ली गई। उटंगन नदी पर बीते साल से पुल का निर्माण शुरू किया गया, जो इस साल पूरा हुआ। इस पुल के निर्माण के लिए किसी विभाग से अनुमति नहीं ली गई। जिन किसानों ने विरोध किया, आरोप है कि उन्हें प्रोजेक्ट की सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों ने धमका कर भगा दिया। इस प्रोजेक्ट से जुड़ी आईएएस अधिकारी के कारण सरकारी अनुमतियां, पंजीकरण और निर्माण आसान हो गया। पर्यटन विभाग में 29 मई 2023 को पंजीकरण कराया गया।