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कमलपुर में नहीं थम रहा बुखार, बालक की मौत

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16एमएनपी-17-कमलपुर में स्वास्थ्य शिविर में उपचार देती डॉक्टरों की टीम - फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुचेला के उपकेंद्र करीमगंज क्षेत्र के गांव कमलपुर और नगला गढू में बुखार पीड़ितों की संख्या थमने का नाम नहीं ले रही है। यहां पिछले 20 दिनों से लोग बुखार की चपेट में हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी गांव में शिविर कर रही है, लेकिन इसके बाद भी बुखार पीड़ितों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार को यहां बुखार से पीड़ित एक 11 वर्षीय बालक की मौत हो गई।
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ग्राम पंचायत कमलपुर और नगला गढू में पिछले 20 दिनों से बुखार के मरीज देखे जा रहे हैं। कमलपुर निवासी उपेंद्र कुमार के 11 वर्षीय पुत्र राघव को पिछले सात दिनों से बुखार आ रहा था। परिजन उसका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। शनिवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं, कमलपुर में 20 से अधिक लोग बुखार की चपेट में हैं। इसके साथ ही कमलपुर के मजरा नगला गढू में भी बुखार के मरीज देखे जा रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग लगातार यहां शिविर लगा रहा है फिर भी बुखार के मरीजों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है।
बुखार पीड़ितों की उपचार के साथ ही कराई गई जांच
कमलपुर में बुखार पीड़ितों को उपचार के लिए पहला शिविर 28 सितंबर को लगाया गया था। इसके बाद 12 और 13 अक्तूबर को शिविर लगाया गया। शनिवार को बालक की मौत के बाद देर शाम शिविर लगाया गया। वहीं, रविवार को डॉ. विवेक यादव के नेत़ृत्व में गांव में शिविर लगाकर मरीजों को उपचार दिया गया। बुखार से पीड़ित नौ मरीजों की जांच कराई गई। शिविर में डॉ. विवेक कुमार के साथ फार्मासिस्ट विनय शुक्ला, एलटी जितेंद्र शाक्य, कमलेश यादव आदि शामिल थे। डॉ. विवेक कुमार का कहना था कि गांव में बुखार के मरीजों की स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है।
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ग्राम प्रधान ने कराया गांव में छिड़काव
बुखार के मरीजों से ग्रामीणों को बचाने के लिए ग्राम प्रधान डॉ. दिनेश यादव भी लगातार प्रयास कर रहे हैं। उनके द्वारा पिछले 20 दिनों में सात बार दवा का छिड़काव कराया गया। वहीं, सीएमओ के निर्देश पर आशाओं की मदद से घर-घर जाकर लोगों को बुखार से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है।
बुखार पीड़ित इन बातों पर दें ध्यान
- घरों के पास पानी ना भरने दें
- मच्छरों से बचाव के लिए मच्छदानी का प्रयोग करें
- कूलर और फ्रिज में पानी ना भरें
- सुबह-शाम फुल बाजू के कपड़े पहनें
- खुले में ना लेंटे ओस के चलते सर्दी जुकाम के साथ बुखार आ सकता है
- बुखार आने पर झोलाछाप से उपचार ना लें
- विशेषज्ञ डॉक्टर से ही उपचार लें।
गांव में लगातार टीम भेजकर बुखार पीड़ितों को उपचार दिलाया जा रहा है। अधिकतर लोग सर्दी-जुकाम और वायरल की चपेट में हैं। एक बच्चे की मौत की जानकारी मिली है।
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- डॉ. पीपी सिंह, सीएमओ।
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