पटियाली क्षेत्र के ग्राम मूंजखेड़ा व जय किशन नगला के बीच गंगा का पानी भर जाने पर जान जोखिम मे
पटियाली। हर साल बाढ़ का पानी गंगा किनारे बसे गांवों में भर जाता है। इस दौरान प्रशासन की ओर से लोगों के आवागमन में सुविधा के लिए नाव लगाई जाती है। हालांकि, बीते दो वर्ष में यहां नाव चलाने मल्लाह नाविकों को उतराई (मेहनताना) का भुगतान अब तक नहीं हुआ है। इस बार भी बाढ़ वाले क्षेत्रों में लगाए गए मल्लाहों का कहना है कि प्रशासन जरूरत के समय उन्हें याद करता लेकिन भुगतान करना भूल जाता है। तहसील क्षेत्र में साल 2023 और 2024 में भीषण बाढ़ आई थी। दर्जनों गांवों में अंदर तक पानी पहुंच गया। हजारों बीघा फसलें जलमग्न होकर बर्बाद हो गईं थी। दो छोटे पुल भी बह गए थे। इससे दर्जनों गांवों के रास्ते बंद हो गए थे। इस दौरान जिला प्रशासन ने ग्रामीणों का आवागमन सुचारु बनाए रखने के लिए गांव जयकिशन नगला और मुजखेड़ा में एक-एक नाव लगवाई थी। मल्लाह नाविक पेशकार ने बताया कि उसने गत वर्ष 45 दिन नाव चलाकर ग्रामीणों को पानी के पार पहुंचाया था। इस अवधि का मेहनताना करीब 27 हजार रुपये बना था जो अब तक नहीं मिला। इस बार उसे फिर तैनात कर दिया गया है। गांव मुजखेड़ा निवासी नाविक वीरपाल ने बताया कि 2024 में उसने 800 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से सात दिन की मजदूरी 5600 रुपये अब तक नहीं मिले। उपजिलाधिकारी प्रदीप कुमार विमल ने बताया कि वह वर्ष 2023-24 में उनकी तैनाती इस क्षेत्र में नहीं थी। नाविकों के भुगतान का मामला उनके संज्ञान में नही है। नाविकों को कार्यालय बुलाकर जांच कराई जाएगी। यदि भुगतान नहीं हो सका है तो कराया जाएगा।