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Mainpuri By-Election 2022: डिंपल के खिलाफ बीजेपी ने क्यों दिया रघुराज शाक्य को टिकट, जानें चार प्रमुख कारण

Tue, 15 Nov 2022 11:59 AM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

भाजपा ने मैनपुरी लोकसभा सीट से रघुराज सिंह शाक्य को बनाया प्रत्याशी। इटावा के रहने वाले हैं रघुराज सिंह शाक्य। इससे पहले समाजवादी पार्टी में रहते हुए वह सांसद और विधायक रह चुके हैं।
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डिंपल यादव और रघुराज शाक्य - फोटो : अमर उजाला
मैनपुरी लोकसभा सीट पर उपचुनाव में समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी डिंपल यादव के सामने भाजपा ने अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। इस चुनाव में कांटे की टक्कर देने के लिए भाजपा ने सपा से सांसद रह चुके व शिवपाल सिंह यादव के करीबी माने जाने वाले रघुराज शाक्य को टिकट दी है। 

वैसे तो रघुराज शाक्य इटावा जिले के रहने वाले हैं, लेकिन माना जा रहा है कि शाक्य वोटों का ध्रुवीकरण करने के लिए भाजपा ने ये फैसला लिया। रघुराज शाक्य को शिवपाल सिंह यादव का बेहद करीबी माना जाता है। वे प्रसपा के प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर रह चुके हैं।  रघुराज शाक्य 1999 और 2004 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर सांसद चुने गए थे। उन्होंने 2012 में सपा के टिकट पर इटावा सदर सीट से विधानसभा का चुनाव भी जीता था। 
 
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रघुराज शाक्य - फोटो : अमर उजाला
27 जनवरी 2017 को रघुराज शाक्य ने  समाजवादी पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद वे शिवपाल सिंह यादव से जुड़ गए। शिवपाल यादव ने उन्हें अपनी पार्टी में प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी। वहीं 2022 के विधानसभा चुनाव में रघुराज शाक्य ने इटावा सदर सीट से दावेदारी की थी। इसके बाद उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया।
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मंत्री जयवीर सिंह के साथ रघुराज शाक्य - फोटो : अमर उजाला

रघुराज को टिकट देने के प्रमुख कारण

1-मैनपुरी लोकसभा सीट पर भाजपा ने जातिगत आंकड़ों को साधने की कोशिश की। यादव के बाद शाक्य जाति के मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक है। 

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रघुराज सिंह शाक्य - फोटो : अमर उजाला

दूसरा बड़ा कारण

2- रघुराज सिंह शाक्य इटावा के जसवंतनगर नगर के मूल निवासी है। लोकसभा क्षेत्र की जसवंतनगर विधानसभा सीट के मतदाताओं में सेंध लगाने की कोशिश की।
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रघुराज शाक्य - फोटो : अमर उजाला

ये भी दो बड़े कारण 


3- रघुराज सिंह शाक्य लंबे समय से सपा से जुड़े रहे, वह शिवपाल सिंह यादव के बेहद करीबी हैं। शिवपाल सिंह के अलग होने पर उन्होंने ने भी सपा छोड़ दी थी। शिवपाल गुट आज भी उनके साथ है। 

4- वह दो बार सांसद और एक बार विधायक चुके गए हैं। उन्हें चुनाव लड़ने का बेहतर अनुभव है।
 
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