भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता ही नहीं, सांसद और पदाधिकारी तक नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। नौ अगस्त से शुरू हुई तिरंगा यात्रा का शायद ही ऐसा कोई पड़ाव रहा हो, जिसमें बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन न दौड़ाए गए हैं। खुद सांसद चौधरी बाबूलाल ने हेलमेट पहने बिना ही कई कस्बों में स्कूटर दौड़ाया। शहर में भी भाजपाइयों ने नियम ताक पर रखे। जबकि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह मंगलौर में निकाली गई तिरंगा यात्रा के दौरान हेलमेट पहनकर स्कूटर की पीछे वाली सीट पर बैठे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष तक से यह सबक नहीं सीखा। जिले में अछनेरा, किरावली, बाह, फतेहाबाद आदि कस्बों में तिरंगा यात्रा निकाली जा चुकी है। इनमें भाजपा कार्यकर्ता बिना हेलमेट के नजर आए। यात्रा में दर्जनों की संख्या में शामिल कार्यकर्ताओं में से एक भी हेलमेट का प्रयोग नहीं किया गया। सोमवार को शहर में निकाली गई तिरंगा यात्रा में भी भाजपाइयों ने हेलमेट नहीं लगाए।