बिहार के रोहताश जिले के गांव कुम्हऊ निवासी 16 वर्षीय छात्र शिरीष कुमार 20 मार्च को कोटा-पटना एक्सप्रेस से उतरकर मथुरा जंक्शन से लापता हो गया। वह घर से साथियों के संग कोटा कोचिंग करने के लिए जा रहा था। ट्रेन से उतरते समय उसने साथियों से कहा कि अब वह वापस नहीं आएगा। जीआरपी उसे खोज रही है।
कृष्णकांत तिवारी का पुत्र शिरीष कुमार कोटा-पटना एक्सप्रेस से तीन साथियों के संग कोचिंग को कोटा जा रहा था। मथुरा जंक्शन पर ट्रेन के आते ही वह साथियों से यह कहकर उतरा कि अब वह वापस नहीं आएगा। जंक्शन से उतरने के बाद छात्र का मोबाइल फोन बंद हो गया। जिसकी जानकारी पिता को हुई तो जीआरपी में गुमशुदगी दर्ज कराई है। उधर, जीआरपी ने प्लेटफार्म संख्या चार से संबंधित सीसीटीवी खंगाले लेकिन उनमें छात्र नजर नहीं आ रहा। जीआरपी का अनुमान है कि छात्र गेट की तरफ आने के बजाय पटरियों की तरफ से बाहर निकला है।
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वृंदावन के आश्रमों में पहुंची जीआरपी
छात्र की गुमशुदगी का पंपलेट लेकर जीआरपी निरीक्षक विकास सक्सेना टीम सहित शुक्रवार को वृंदावन के आश्रमों तक पहंचे। उनके द्वारा सभी आश्रमों के बाहर छात्र की गुमशुदगी वाले पोस्टर भी चस्पा किए गए हैं। जीआरपी निरीक्षक ने बताया कि वह छात्र को खोजने का प्रयास कर रहे हैं। अभी तक की जांच में छात्र के लापता होने कारण समझ में नहीं आ आ रहा है।