पटियाली में रेलवे स्टेशन के पास स्थित झोपड़ी में लगी आग से हुई क्षति का आंकलन करता राजस्व विभाग
पटियाली। गंजडुंडवारा क्षेत्र के गांव बहादुर नगर में शुक्रवार की दोपहर नारायण साकार हरि उर्फ भोलेबाबा की अनुयायी की झोपड़ी में आग लग गई। इससे गृहस्थी का सारा सामान जल गया। राजस्थान में जिला भरतपुर की तहसील बयाना क्षेत्र के गांव चहल निवासी रूपवती (50) पत्नी हरि सिंह करीब दो साल पहले गांव बहादुर नगर स्थित भोलेबाबा के आश्रम पर अपनी बेटी ब्रजेश्वरी (19) के साथ आई थी। वह कुछ समय तक आश्रम पर रुकी। इसके बाद उन्होंने अपने पति और परिवार को त्याग दिया। पटियाली स्टेशन के पीछे अन्य अनुयायियों की झोपड़ियों के पास उसने भी अपनी एक झोपड़ी बना ली और अपनी बेटी के साथ उसमें रहने लगी। रूपवती ने शुक्रवार की दोपहर झोपड़ी में मच्छर भगाने वाली बत्ती जलाकर रख दी और काम से बाहर चली गई। थोड़ी देर बाद झोपड़ी से धुंआ निकलने लगा। देखते ही देखते झोपड़ी आग की लपटों में घिर गई। झोपड़ी में आग लगने पर अन्य अनुयायियों में खलबली मच गई। चीख पुकार होने पर उन्हाेंने राहगीरों की मदद से बाल्टियों में पानी लाकर आग बुझाने का प्रयास किया। कड़ी मशक्कत के बाद लोगों ने आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि तब तक झोपड़ी में रखी नकदी, कपड़े, बिस्तर समेत गृहस्थी का अन्य सामान जलकर राख हो चुका था। ग्रामीणों ने घटना की सूचना उपजिलाधिकारी प्रदीप कुमार विमल को दी। उपजिलाधिकारी ने क्षेत्रीय लेखपाल सुशील कुमार को मौके पर भेजकर क्षति का आंकलन कराया है।