मैनपुरी। बीएसए कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राजवीर सिंह ने एक महिला पर खुद को उनकी फर्जी पत्नी बताकर धन वसूली करने और सर्विस बुक में धोखाधड़ी से नाम दर्ज कराने का आरोप लगाया है। न्यायालय के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। राजा का बाग निवासी राजवीर सिंह मूल रूप से फिरोजाबाद के खेरिया मूसाहत गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी सुषमा देवी का निधन 15 जून 1998 को हो गया था। उनके दो बेटे और तीन बेटियां हैं। राजवीर का आरोप है कि उनके छोटे भाई रामवीर की पत्नी मिसला देवी निवासी टिमनपुर, थाना कुरावली ने खुद को उनकी पत्नी बताते हुए कुछ साथियों के साथ मिलकर उनके खिलाफ भरण-पोषण का मुकदमा दर्ज कराया है।राजवीर का आरोप है कि मिसला देवी ने उन्हें अपना पति साबित करने के लिए फर्जी आधार कार्ड, वोटर कार्ड, मूल निवास और जाति प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज बनवाए हैं। उन्हें इस धोखाधड़ी का पता तब चला जब उन्हें कुटुंब न्यायालय से नोटिस मिला। राजवीर का दावा है कि ये सभी फर्जी दस्तावेज उनसे धन वसूली के लिए बनाए गए हैं। राजवीर का आरोप है कि मिसला देवी ने बीएसए कार्यालय के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से उनकी सर्विस बुक में पत्नी के स्थान पर अपना नाम भी दर्ज करा लिया है। हालांकि, मिसला देवी पहले कस्तूरबा आवासीय विद्यालय भोगांव में हेड रसोइया के तौर पर कार्यरत रह चुकी हैं, और वहां लगे दस्तावेजों में उनके पति का नाम रामवीर दर्ज है। राजवीर ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 10 अप्रैल 2025 को जब वे केस की तारीख पर जा रहे थे, तब विकास भवन के पास मिसला देवी और 4-5 अन्य लोगों ने उन्हें घेर लिया। उन्होंने राजवीर पर सर्विस बुक से नाम न हटवाने और कानूनी कार्रवाई न करने का दबाव डाला। विरोध करने पर गालीगलौज और मारपीट करते हुए झूठे मामलों में फंसाने की धमकी भी दी गई। इस घटना के बाद राजवीर ने कोतवाली में तहरीर दी थी, लेकिन मामला दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद उन्होंने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया, जिसके बाद पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।