कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम स्वास्थ्य विभाग के साथ समीक्षा बैठक करते हुए।
मैनपुरी। डीएम अंजनी कुमार सिंह ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने परिवार कल्याण कार्यक्रम और संस्थागत प्रसव के लक्ष्यों में भारी कमी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। महिला नसबंदी का वार्षिक लक्ष्य 1282 है और पुरुष नसबंदी के लक्ष्य 21 के सापेक्ष अभी तक एक भी नसबंदी नहीं की गई है, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है। संस्थागत प्रसव के मामले में पाया गया कि वार्षिक लक्ष्य 23940 के सापेक्ष अब तक केवल 3359 प्रसव ही संस्थागत रूप से कराए गए हैं। हालांकि इसमें से 3044 प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना का लाभ प्रदान किया गया है, लेकिन लक्ष्य के मुकाबले यह आंकड़ा बहुत कम है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करहल, जागीर और सुल्तानगंज में जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के भुगतान की खराब प्रगति पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर की। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने प्रभारी चिकित्साधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिए कि प्रसूताओं को डिस्चार्ज होने के समय ही जननी सुरक्षा योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए और उन्हें 102 एम्बुलेंस से ''''ड्रॉप-बैक'''' (वापस घर छोड़ने) की सुविधा भी अनिवार्य रूप से मुहैया कराई जाए।