पटियाली। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर के लिए आवेदन करने वालों का समय पांच वर्ष से कार्यालय का चक्कर लगाने में ही बीत रहा है। नतीजा उन्हें छप्पर व तिरपाल के नीचे ही रहकर गुजर-बसर करने के लिए मजबूर होना पड़ा रहा है। नगर के अलग-अलग मोहल्लों में काफी संख्या में ऐसे गरीब परिवार रहते हैं, जिनके पास पक्की छत नहीं है। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए कई बार आवेदन कर चुके हैं लेकिन अधिकारियों के ढुलमुल रवैये और लापरवाही के चलते अपना आवास एक सपना ही बनकर रह गया है। ऐसे जरूरतमंद लोगों में कोई तिरपाल के नीचे तो कोई छप्पर के नीचे झोपड़ी में रहने को मजबूर है। जरूरतमंद लोग सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही। नगर के मोहल्ला काजी निवासी समीरुद्दीन कहते हैं कि बीते पांच वर्ष में कई बार प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन कर चुके हैं उनका नाम भी लिस्ट में आया लेकिन अब तक आवास नहीं मिला। नगर के मोहल्ला मिश्राना निवासी धर्मेंद्र पाल कहते हैं कि लगभग पांच वर्षों में पांच बार प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन कर चुके हैं लेकिन अभी तक आवास मंजूर नहीं हो सका है।