आगरा में पूर्वांचल के छह जिलों के करीब 125 छात्र-छात्राएं शुक्रवार को बीएड परीक्षा नहीं दे सके। कॉलेज प्रबंधन ने फीस जमा नहीं होने की वजह से प्रवेशपत्र नहीं दिए। छात्रों ने दलाल के माध्यम से कालेजों में प्रवेश लिया था। धोखाधड़ी के शिकार विद्यार्थियों ने हंगामा किया। इसके बाद सिकंदरा और शाहगंज थाने पहुंचकर शिकायत की। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
आगरा में वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, भदोही और मिर्जापुर आदि के करीब 700 विद्यार्थियों की अलग-अलग काॅलेज में बीएड परीक्षा थी। सिकंदरा के अरतोनी स्थित मां साधना काॅलेज में 93 विद्यार्थियों की परीक्षा थी। छात्र-छात्राएं काॅलेज पहुंचे। मगर, कालेज प्रबंधन ने फीस जमा नहीं होने की बात कही। प्रवेशपत्र देने से मना कर परीक्षा से वंचित कर दिया। इस पर वो थाना सिकंदरा पहुंच गए।
विद्यार्थियों ने पुलिस को बताया कि कॉलेज की फीस एजेंट के माध्यम से जमा कराई थी। वह उनसे पूरी फीस ले चुका है। मगर, यह फीस काॅलेज में जमा नहीं कराई गई है। इससे उन्हें परीक्षा से वंचित किया जा रहा है। इस पर उन्होंने परीक्षा में बैठाने के लिए कहा। 32 विद्यार्थियों ने थाना शाहगंज में भी शिकायत की। उधर, काॅलेज प्रबंधन फीस जमा नहीं होने की वजह से समस्या की बात कह रहे हैं।
तीन एजेंट ने दिलाया था प्रवेश
विद्यार्थियों ने पुलिस को बताया कि वाराणसी के रहने वाले अनूप, सनूप और अरुण ने उनसे संपर्क किया था। बीएड के लिए आगरा के विभिन्न काॅलेज में प्रवेश दिलाया। इसमें मां साधना काॅलेज भी शामिल है। समय-समय पर एजेंट ने फीस भी ली थी। मगर, इसे काॅलेज में जमा नहीं कराया। वो धोखाधड़ी का शिकार हो गए।
दो एजेंट को थाने लेकर पहुंचे विद्यार्थी
शाहगंज क्षेत्र में विद्यार्थियों ने दो एजेंट को पकड़ लिया। उन्हें थाने लेकर पहुंचे। एजेंट ने पुलिस को बताया कि छात्रों के प्रवेशपत्र वेबसाइट से अपलोड नहीं हो रहे हैं। इसके लिए काॅलेज प्रबंधन से बात की गई है। परीक्षा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
कराई जाएगी जांच
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि बीएड परीक्षा नहीं दे पाने की विद्यार्थियों ने शिकायत की है। धोखाधड़ी की बात कही है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।