फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agra News: पुलिस के रडार पर बैंक और तहसील कर्मी, 2.40 करोड़ में बेच दी थी 10 करोड़ की जमीन

Tue, 27 Dec 2022 02:00 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

पुलिस की जांच में पता चला कि जिस खाते में 2.40 करोड़ रुपये गए, वह बरहन की एक बैंक का है। इस खाते को स्कीम के तहत खुलवाया गया था। मगर, सत्यापन किया गया या नहीं? इसके लिए कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है।
विज्ञापन
crime demo - फोटो : MID DAY
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा के थाना एत्मादपुर के गांव धरैरा में फर्जी मालिक बनकर 32 बीघा यानी दस करोड़ की जमीन को आधे से भी कम दाम में बेचने की जांच हो रही है। इसमें बैंक और तहसील कर्मियों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। पुलिस खाता खोलने वाले, बैनामा करने वाले कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है। इसके अलावा फर्जी कृष्णा की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। उसने बैनामा करने के लिए अपना आधार कार्ड लगाया था।

ये है मामला 

न्यू राधा नगर निवासी कृष्णा तोमर की गांव धरैरा स्थित 35 बीघा जमीन (कच्चे) में से 32 बीघा को कूटरचित दस्तावेज से बेचा गया था। जमीन नेमीनाथ मेडिकल कॉलेज के मालिक प्रदीप गुप्ता के बेटे दीपेश गुप्ता ने खरीदी थी। इसमें दोनों पक्षों के गवाह बनाए गए थे।

पुलिस जांच में उठ रहे ये सवाल 

पुलिस की जांच में पता चला कि जिस खाते में 2.40 करोड़ रुपये गए, वह बरहन की एक बैंक का है। इस खाते को स्कीम के तहत खुलवाया गया था। मगर, सत्यापन किया गया या नहीं? इसके लिए कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। इस खाते में 2.40 करोड़ रुपये की रकम गई। इसके बावजूद बैंक कर्मचारियों ने खाते में लेन-देन पर रोक क्यों नहीं लगाई? यह भी सवाल है। 

इनकी भूमिका भी संदिग्ध 

उधर, तहसील एत्मादपुर के कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। डीसीपी पश्चिमी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि तहसील और बैंक कर्मियों की भूमिका की जांच की जा रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें