मैनपुरी। कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को डीएम अविनाश कृष्ण सिंह ने खाद्य सुरक्षा, औषधि निगरानी समिति की बैठक में समीक्षा की। कहा कि अभियान चलाकर मिलावटी, खुली खाद्य सामिग्री की बिक्री पर रोक लगाएं। आम आदमी को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामिग्री मिले।
डीएम ने कहा कि शासकीय कार्यालयों, विद्यालयों, प्रतिष्ठानों के आसपास के ठेले वालों की नियमित जांच की जाए। अधोमानक खाद्य सामिग्री की बिक्री नहीं होनी चाहिए। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 443 निरीक्षण, 65 छापे में 77 नमूने संग्रहित कर 91 वाद दायर किए गए। 16 वाद निर्णीत करके 6.45 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि जागरूकता अभियान के तहत 280 उपभोक्ताओं एवं 476 स्कूलीें बच्चों को जागरूक किया गया है। खाद्य कारोबार कर्ताओं को कार्यशाला आयोजित कर भोजन को स्वच्छ बनाने, रखने, कच्चे माल में मिलावट की पहचान के तरीके बताए गए हैं।
डीएम ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसूताओं, मरीजों को उपलब्ध कराए जा रहे नाश्ते-खाने की गुणवत्ता की जांच करें। आवासीय विद्यालयों में भी खाद्य सामिग्री के नमूने लें। स्वास्थ्य केंद्रों, आवासीय विद्यालयों का एफएसएसआई में पंजीकरण कराएं।
मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, अपर जिलाधिकारी रामजी मिश्र, मुख्य चिकित्साधिकारी आरसी गुप्ता, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा टीआर रावत, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एके पाठक, खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजीव कुमार, सनोज कुमार, डीके वर्मा, प्रदीप कुमार, जयदीप मौर्या मौजूद रहे।