विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावी क्षेत्र परवेंद्र कुमार ने ट्रांस यमुना कालोनी निवासी डा. उमाकांत गुप्ता का पांच करोड़ रुपये की फिरौती के लिए अपहरण के आरोपी पवन ठाकुर का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। आरोपी निबोहरा के पुरा भगत का रहने वाला है। बता दें कि विगत 13 जुलाई की शाम को डा. उमाकांत गुप्ता का अपहरण किया गया था। पुलिस ने परिजनों की सूचना पर मुकदमा दर्ज करके खोजबीन शुरू कर दी थी। इसके बाद डाक्टर को धौलपुर से मुक्त करा लिया गया था। बाद में पता चला था कि संध्या नामक युवती ने डाक्टर को नौकरी दिलाने के बहाने अपनी बातों के जाल में फंसाया था। रोहता में उसके साथियों ने अगवा कर लिया था। इसके बाद उनकी अंगूठी, पर्स, आधार कार्ड, घड़ी लूट ली। पवन सहित अन्य घटना में शामिल थे। पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई थी। कोर्ट ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य एवं एडीजीसी क्राइम आदर्श चौधरी के तर्क के आधार पर आरोपी का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज करने के आदेश किए।
छात्रा का अपहरण और दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की कैद
विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट सर्वजीत कुमार सिंह ने 14 वर्षीय छात्रा का अपहरण कर दुष्कर्म के आरोपी स्कूल चालक सुनील निवासी गांव श्यामो, ताजगंज को दोषी पाया। उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड में से आधी धनराशि पीड़िता को दिलाने और विक्टिम कंपनशेशन स्कीम के तहत नियमानुसार पीड़िता को क्षतिपूर्ति दिलाने के लिए निर्णय की प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को प्रेषित करने के निर्देश दिए।
इस मामले में थाना ताजगंज में मुकदमा दर्ज कराया गया था। 19 नवंबर 2018 को सुनील पीड़ित किशोरी को अपनी ईको गाड़ी में ले गया था। रोहता नहर स्थित गांव बजहेरा के पास दुष्कर्म किया। उधर, परिवार के लोग पीछा करते हुए पहुंच गए। उन्होंने आरोपी को गाड़ी सहित पकड़ लिया। उसका साथी भाग गया। अभियोजन पक्ष ने वादी, पीड़िता सहित आठ गवाह कोर्ट में पेश किए। पीड़िता ने भी अपने बयान में घटना की पुष्टि की। आरोपी स्कूल का चालक था।
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