जमानत हो गई मंजूर, परिवार फिर भी दूर
जमानतगीर नहीं होने से नहीं आ पा रहे बाहर
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। जेल में आठ बंदी ऐसे हैं जिनकी जमानत मंजूर हो चुकी है। जमानत मंजूर होने के बाद भी वह परिवार से दूर हैं। जमानत लेने वाले नहीं होने से यह बंदी जेल से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने ऐसे बंदियों की जेल प्रशासन से सूची मांगी है। उनकी जेल से रिहाई के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण पहल करेगी।
थाना कोतवाली के मोहल्ला गाड़ीवान के रहने वाले अमन कश्यप की 17 जून 2023 को स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट के न्यायालय से जमानत हो चुकी है। जानलेवा हमला करने के मामले में नौशाद अली निवासी कानूनगोयान करहल की जिला जज के न्यायालय से 16 सितंबर 2023 को जमानत हो गई है। मिलावटी शराब बेचने के मामले में जिला जज के न्यायालय से विशाल निवासी गिहार कॉलोनी कचहरी रोड मैनपुरी की दो नवंबर 2023 को तथा राज निवासी गिहार कॉलोनी करहल की अपर जिला जज प्रथम के न्यायालय से तीन जनवरी 2024 को जमानत मंजूर हो चुकी है।
चोरी के एक मुकदमे में राहुल कश्यप निवासी नगला जुला कोतवाली की जिला जज के न्यायालय से 25 अक्तूबर 2023 को तथा किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने के मुकदमे में छुटई निवासी नजरापुर थाना तिर्वा जिला कन्नौज की 8 सितंबर 2023 को सीजेएम न्यायालय से जमानत हो गई है। ओडिशा के बोईसिंगा निवासी भानुमती प्रधान की 25 सितंबर 2023 को तथा मोहल बड़ामुलू निवासी सुशीलादास की 26 सितंबर 2023 को धोखाधड़ी के मामले में जिला जज के न्यायालय हो चुकी है।
परिजन ने बनाई है दूरी
जमानत मंजूर होने के बाद भी जेल काट रहे आठ बंदियों के परिजन ने उनसे दूरी बना ली है। बंदियों ने निजी प्रयास तथा पैरवी से संबंधित न्यायालय से अपने वकील के माध्यम से जमानत तो करा ली है। लेकिन परिजन उनसे दूरी बनाए हुए हैं। जमानत लेने वाले नहीं होने से जमानत मंजूर होने के बाद भी यह बंदी जेल से बाहर नहीं आ पा रहे हैं।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जेल से ऐसे बंदियों की सूची मांगी गई है। जो जमानत मंजूर होने के बाद भी जमानत लेने वालों के अभाव में जेल में बंद हैं। विधिक सेवा प्राधिकरण उनकी रिहाई के लिए पहल करेगा।
अमित सिंह, प्राधिकरण सचिव