बाह। तहसील परिसर में हुई मारपीट के मामले में एफआईआर के विरोध में सोमवार को पांचवें दिन वकीलों का धरना क्रमिक अनशन में बदल गया। जबकि लेखपालों ने आपात बैठक में निर्णय लेने के लिए जिला संगठन को अधिकृत किया है।
बुधवार को बाह तहसील में ठिया बंदी (सीमांकन) की फाइल लटकाने को लेकर हुए विवाद में लेखपाल और अधिवक्ताओं के बीच मारपीट हुई थी। जिसमें लेखपाल संतोष राजपूत ने अधिवक्ताओं चंद्रेश यादव, वीरेश तिवारी, सुशील भदौरिया पर मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे से भड़के आंदोलनरत वकील सोमवार को पांचवें दिन भी कामकाज ठप कर अनशन पर बैठ गए।
अनशन पर बैठे मनोज दुबे, ओमपाल तोतर, अंतरिक्ष मिश्रा, भूपेंद्र सिंह, सुदामा वर्मा को समाजसेवी प्रशांत शर्मा, दीपू पंडित ने सम्मानित किया। अजय कौशिक प्रधान, दया शंकर बोहरे आदि ने आंदोलन का समर्थन किया है। बार के अध्यक्ष आनंद प्रकाश पचौरी ने बताया कि भ्रष्टाचार की जांच होने और वकीलों पर दर्ज मुकदमा वापस होने तक अनशन जारी रहेगा।
दूसरी तरफ संतोष राजपूत के हमलावरों की गिरफ्तारी न होने से क्षुब्ध लेखपालों ने बैठक की। लेखपाल संघ के अध्यक्ष चंद्रपाल सिंह का कहना है कि बैठक में निर्णय लेने के लिए जिला संगठन को अधिकृत किया गया है।