फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बगवास बांध कटा, चार गांवों की फसल डूबी

सार

लगातार चार दिन हुई बारिश के कारण गंगा की धारा को रोकने के लिए बनाए गए कच्चे बांध भी अब दरकने लगे हैं।ऐसी स्थिति में अन्य बांधों के कटने का खतरा बन गया है।गंजडुंडवारा।बारिश के पानी की निकासी हो नहीं पाई थी कि बांध कटने से खेतों में काफी पानी भर गया और फसलें डूब गईं।
विज्ञापन
कासगंज में गंजडुंडवारा क्षेत्र के गांव बगवास में बांध कटने से जलमग्न हुई फसल । - फोटो : KASGANJ
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कासगंज/गंजडुंडवारा। लगातार चार दिन हुई बारिश के कारण गंगा की धारा को रोकने के लिए बनाए गए कच्चे बांध भी अब दरकने लगे हैं। अब गंगा के जलस्तर में वृद्धि के बाद गंगा में पानी का दबाव बढ़ा है। पानी का दबाव कमजोर हुए बांध झेल नहीं पा रहे। रविवार को बगवास गांव का बांध कट गया। जिससे सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो गईं। कई स्थानों पर फसलें तो पूरी तरह से डूब गई हैं। बांध कटने से चार गांव के किसानों की सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न होने का अनुमान है। सिंचाई विभाग ने बांध की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है।
विज्ञापन

गंगा के तटवर्ती गांव बगवास में मनरेगा के माध्यम से बांध तैयार किया गया था, लेकिन बांध के रख रखाव पर ग्राम पंचायत और सिंचाई विभाग ने ध्यान नहीं दिया। इस दौरान जब अगस्त माह में बाढ़ आई तो बांधे में कटान हुई थी। बाढ़ उतरने के बाद कमजोर हुए बांध को सही नहीं कराया गया। इसबीच चार दिन पूर्व हुई रिकॉर्ड बारिश से बांधे की मिट्टी जगह जगह से काट गई। इससे बांधा और कमजोर हो गया। दूसरी तरफ गंगा के जलस्तर में भी वृद्धि हो गई। पानी का दबाव बढ़ने पर बांधा कट गया। इस दौरान गंगा का पानी बगवास, समसपुर ढुलाई, नगला खंदारी, नवाबगंज नगरिया आदि गांवों तक पहुंच गया। इससे सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो गईं। बांध कटने की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हो गए। सिंचाई विभाग ने कटान रोकने के लिए सैंड बैग लगाने का काम शुरू कर दिया है, लेकिन कटान रुका नहीं। गंगा में अभी और पानी बढऩे की आशंका है। ऐसी स्थिति में अन्य बांधों के कटने का खतरा बन गया है।
गंजडुंडवारा। पहले से ही किसान बारिश की त्रासदी से परेशान थे। खेतों में बारिश का पानी भरा हुआ था। बारिश के पानी की निकासी हो नहीं पाई थी कि बांध कटने से खेतों में काफी पानी भर गया और फसलें डूब गईं। बगवास के किसान भूप सिंह ने बताया कि उनकी 6 बीघा बाजरा की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई। रामदास की 7 बीघा मक्का की फसल, कल्लू की 4 बीघा मक्का की फसल, भूरे की 12 बीघा मक्का, बाजरा, नवाबगंज नगरिया के जितेंद्र की 10 बीघा बाजरा, विमल कुमार की 6 बीघा बाजरा की फसल डूब गई। वहीं किसान सत्यपाल बजरुद्दीन की अरबी की फसलों में पानी भर गया। भाकियू उत्तर प्रदेश के जिलाध्यक्ष भूप सिंह शाक्य का कहना है कि फसलों के डूब जाने से किसानों की काफी क्षति हुई है। चार गांव के किसान इससे प्रभावित हैं। किसानों को मुआवजा दिया जाए।
विज्ञापन

गंगा के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। बगवास में गंगा के पानी के दबाव से मनरेगा से बना कच्चा बांध कटा है। जिसकी मरम्मत का काम कराया जा रहा है। अन्य बांधों की निगरानी भी की जा रही है। अब गंगा के जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है- अरूण कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें