सोरोंजी(कासगंज)। 104 वर्ष पुराने तीर्थनगरी का प्रसिद्ध शिवराज पशु मेला बृहस्पतिवार को विधिवत पूजा-अर्चना व झंडारोहण के साथ शुरू हुआ। पहले ही दिन मेले में आकर्षण का केंद्र बना बादशाह नामक घोड़े की बोली लगाने के लिए विभिन्न प्रांतों के घोड़ा कारोबारी लालायित दिखे। विभिन्न प्रांतों से मेले में पहुंचे कारोबारियों ने बादशाह की कीमत 21 लाख रुपये लगाई। हालांकि घोड़ा पालक के 27 लाख रुपये की मांगने के चलते सौदा नहीं हो सका। वहीं, पहले दिन कुल 80 घोड़ों की बिक्री हुई। इनमें पवन नामक घोड़ा चार लाख और रुस्तम नाम का घोड़ा ढाई लाख रुपये में बिका। मेले के दौरान मेले में पहुंचे एटा के घोड़ा पालक टीटू यादव की सात माह की काली घोड़ी मारवाड़ी आकर्षण का केंद्र बनी। इस घोड़ी को शुभारंभ के मौके पर दौड़ाकर देखा गया तो कुछ ही सेकेंड में वह हवा से बातें करती दिखी। इस मारवाड़ी घोड़ी की कीमत 4 लाख रुपये रखी गई, लेकिन इसकी बिक्री नहीं हुई। शाकिर का घोड़ा पवन चार लाख रुपये में बिका। इस घोड़े को बरेली के छोटू ने खरीदा। वहीं, रुस्तम नाम के घोड़े को ढाई लाख रुपये में बरेली के यासीन ने खरीदा। पहले दिन मेले में कुल 80 घोड़ों की बिक्री हुई।