मथुरा। कोरोना महामारी के लॉक डाउन में लोग जहां घरों में बंद हैं वहीं कुछ लोग अपनी जान की परवाह किए बगैर दूसरों की जिदंगी बचाने जिम्मेदारी निभा रहे हैं । वे अपना काम पूरी मुस्तैदी के साथ कर रहे हैं। मथुरा में कोरोना महामारी में ब्लड बैंक ब्लड को तरस गयी हैं। रोजाना ही ब्लड की जरूरत पड़ रही है लेकिन वह मरीजों को मुहैया नहीं हो पा रहा है। रक्त की कमी से किसी की जान न जाए, इसे देखते हुए समाजसेवी लोग व संस्थाए अपनी ड्यूटी निभा कर बीमार लोगों को बचा रही हैं।\r मथुरा में रक्तदान करने वालों में रक्तवीर प्रीति अग्रवाल, राहुल खंडेलवाल, अभय रावत,आकाश चौहान, अमन अग्रवाल, दीपक, पवन चौधरी, राहुल ,पवन गौतम व वीरेंद्र हैं। राया के अमित बताते कि इन सभी लोगों ने रेडक्रास दिवस से लेकर अब तक कई यूनिट ब्लड देकर लोगों की जान बचायी है। \r जिले में रक्त की कमी को दूर करने के लिए प्रयासरत संस्था रक्तदाता फाउंडेशन ने ये बीड़ा उठाया है। संस्था के पदाधिकारी अमित का कहना है कि इस लॉक डाउन के दौरान अपने समस्त रक्तवीरों के सहयोग से जिले में रक्त की कमी से किसी की जान नही जाने देंगे। राया के रक्तवीरों ने केडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती 11 वर्षीय बच्ची जिसको आपसी रंजिश में गोली लगने के कारण काफी रक्त बह गया था, की वजह से तत्काल ओ नेगेटिव रक्त जिला अस्पताल मथुरा से उपलब्ध कराया गया। \r जिले की ब्लड बैंक्स में रक्त की काफी कमी हो गई है। संस्था के रक्तवीरों ने तीन यूनिट रक्त वसंत विहार कॉलोनी स्थित लाइफ केअर ब्लड बैंक में डोनेट किया है। गोवर्धन चौराहा स्थित सद्भावना ब्लड बैंक में भी तीन यूनिट ब्लड डोनेट कराया गया है। वृन्दावन स्थित रामकृष्ण मिशन हॉस्पिटल में आज दो यूनिट ब्लड डोनेट कराया गया। मथुरा स्थित नयति हॉस्पिटल में भर्ती हरेंद्र कुमार के लिए दो यूनिट रेयर ब्लड ग्रुप ए नेगेटिव की जरूरत को दो रक्तवीरों के सहयोग से पूरा कराया गया है।\r संस्था के मथुरा कॉर्डिनेटर यतेंद्र फौजदार ने बताया कि संस्था द्वारा अलग अलग ब्लड बैंको में 10 यूनिट रक्तदान कराया गया है ताकि जरूरतमंद को समय से ब्लड बैंक से ब्लड मिल जाये और रक्त की कमी से किसी की जान न जाए।\r वृन्दावन कॉर्डिनेटर गोविंद खंडेलवाल ने बताया कि संस्था रक्त की कमी को दूर करने का लगातार प्रयास कर रही हैं। वह अपने सभी रक्तवीर साथियों के विशेष आभारी है जो इन मुश्किल समय मे हमारे साथ लगातार सेवा दे रहे हैं ।