सरकारी सिस्टम, दबाव में जो कर दे सो कम है। सिकंदरा वाटर वर्क्स स्थित मूविंग बैड बॉयोलॉजिकल रिएक्टर (एमबीबीआर) से क्षमता से अधिक पानी का शोधन कर जलनिगम ने इसे साबित भी कर दिया।
शुक्रवार को इस प्लांट की क्षमता से लगभग ढाई एमएलडी अधिक पानी का शोधन हुआ। इसका कारण था नगर विकास मंत्री मोहम्मद खां के दौरे का खौफ। वे शनिवार को गंगाजल प्रोजेक्ट की समीक्षा के लिए आ रहे हैं। इस दौरान आजम एमबीबीआर प्लांट का निरीक्षण भी करेंगे।
बता दें कि शहर में पानी सप्लाई से पूर्व यमुना के अशुद्ध पानी के शोधन के लिए सिकंदरा स्थित वाटर वर्क्स में 140 करोड़ रुपये की लागत से जापान की तकनीक पर आधारित एमबीबीआर लगाया गया था। इसकी क्षमता प्रतिदिन 144 एमएलडी पानी शोधन की है। यह एक हाईटेक प्लांट है। शोधन का अधिकतर कार्य स्वत: चलित मशीनों से ही होता है।
जब से यह प्लांट संचालित हो रहा है तब से अब तक यहां कभी 144 एमएलडी पानी का शोधन नहीं हुआ। सामान्य तौर पर 80-90 एमएलडी या कभी-कभी 120 एमएलडी पानी का शोधन ही होता रहा है।
इसकी वजह से शहर के अधिकांश हिस्सों में पानी की सप्लाई नहीं हो पाती। मगर, शुक्रवार को यह प्लांट 144 एमएलडी से भी ज्यादा, 146.5 एमएलडी पानी का शोधन कर रहा था। कैबिनेट मंत्री आजम खां की बैठक से एक दिन पहले निरीक्षण को प्लांट पर पहुंचे नगर आयुक्त इंद्रविक्रम सिंह भी यह देखकर चौंक गए। उन्होंने प्लांट पर मौजूद कर्मचारियों से इस संबंध में जानकारी हासिल की।
इस पर बताया गया कि अशुद्ध पानी की पाइप लाइन में से सिल्ट हटा दी गई है, इसकी वजह से प्लांट को अधिक पानी मिल रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अब तक यह कार्य क्यों नहीं किया गया? नगर आयुक्त ने मंत्री के दौरे से संबंधित तैयारियों का भी जायजा लिया। इसके बाद जीएम मंजू गुप्ता ने भी निरीक्षण किया।
दिन में तीन बार पानी की सप्लाई
बता दें कि आजम खां शनिवार को गंगाजल प्रोजेक्ट की समीक्षा करेंगे। इसके बाद वे सिकंदरा वाटर वर्क्स स्थित एमबीबीआर प्लांट का निरीक्षण करने जाएंगे। ऐसे में मंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए जलनिगम ही नहीं जलकल भी मुस्तैद हो गया है। शनिवार को सिकंदरा वाटर वर्क्स के साथ-साथ जीवनी मंडी वाटर वर्क्स से नियमित पानी की सप्लाई की गई। स्थिति यह थी कि शुक्रवार को दिन में तीन-तीन बार पानी की सप्लाई की गई। ताकि मंत्री के सामने कोई पानी सप्लाई की समस्या नहीं उठा सके। इधर, नगर निगम भी मंत्री के आगमन की तैयारियों में लगा रहा। मुख्य मार्गों पर विशेष सफाई अभियान चलाया गया।