कासगंज। जिले में जल्द ही आयुर्वेद यूनानी कार्यालय बनने जा रहा है। कार्यालय निर्माण के लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है। जिले में कार्यालय की व्यवस्था हो जाने से दवाओं व अन्य कार्यों के लिए एटा पर निर्भरता नहीं रहेगी।जिले का सृजन हुए डेढ़ दशक से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा पद्धति की व्यवस्थाएं एटा से ही संचालित हो रही है। जिले में 11 आयुर्वेदिक एवं दो यूनानी अस्पताल संचालित हो रहे हैं। इनके लिए शासन से आने वाला बजट एटा में आता है। एटा से इस बजट को जिले को उपलब्ध कराया जाता है, जिससे जिले में होने वाले कार्यों पर इसका असर पड़ता है। वहीं दवाएं भी एटा में आती है। अस्पतालों के लिए दवा लेने को कर्मियों को एटा जाना पड़ता है। इससे जिले में समय से दवाएं उपलब्ध नहीं हो पाती, लेकिन अब शासन स्तर से जिले की सभी व्यवस्थाओं का संचालन जिले में ही करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जिले के लिए यूनानी आयुर्वेद कार्यालय खोलने को मंजूरी मिल चुकी है। मंजूरी मिल जाने के बाद जिले में कार्यालय खोलने के लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है। कार्यालय खोलने के लिए एक बीघा जमीन तलाशी जा रही है।