कासगंज। जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के रिक्त पदों को भरने के लिए शुरू की गई भर्ती प्रक्रिया पोर्टल बंद होने से पांच माह से लटकी हुई है। इसका असर काम-काज पर भी पड़ रहा है। विभाग को रिक्त पड़े 395 पदों पर अतिरिक्त चार्ज देकर काम चलाना पड़ रहा है। जिले में 2445 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों में पदों के सापेक्ष आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की तैनाती नहीं है। 10 साल बाद रिक्त पदों को भरने के लिए प्रकिया शुरू की गई। रिक्त पदों को भरने के लिए आरक्षण की प्रक्रिया को पूरा किया गया। इसके बाद सहायिकाओं को प्रोन्नत करने के बाद जो 395 पद शेष बचे उनको भरने के लिए आवेदन मांगे गए। इन पदों को भरने के लिए आवेदन की 14 अप्रैल तक प्रक्रिया पूरी की गई। प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद अप्रैल माह में नियुक्ति होनी थी, लेकिन तब लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लग जाने से प्रक्रिया पर रोक लग गई। पोर्टल को बंद कर दिया गया। इससे आवेदन करने वाली महिलाएं मायूस हो गईं। उनको तसल्ली दी कि आचार संहिता हटने पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, लेकिन आचार संहिता हटने के बाद भी अभी तक प्रकिया शुरू नहीं हो सकी है। अभी तक पोर्टल नहीं खुल पाने से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही।जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ ही 950 सहायिकाओं के पद भी खाली चल रहे हैं। इन पदों को भरने के लिए कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। इसका भी असर काम पर पड़ रहा है।