Up nikay chunav, निकाय चुनाव, यूपी चुनाव
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उत्तर प्रदेश के आगरा में नगर निगम में नामांकन प्रक्रिया शुरू हुए बृहस्पतिवार को तीन दिन बीत गए। 17 अप्रैल नामांकन जमा करने की अंतिम तिथि है, लेकिन किसी राजनीतिक दल ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं। टिकट बंटवारे में हो रही देर की वजह असंतोष के स्वर माने जा रहे हैं। जिन्हें साधने के लिए अंतिम समय पर प्रत्याशियों की घोषणा हो सकती है।
भाजपा के पत्ते खुलने का इंतजार
मेयर का पद अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित है। नामांकन में तीन दिन शेष हैं। भारतीय जनता पार्टी से पांच लोगों के नाम पर मंथन चल रहा है। बुधवार को नगर विकास मंत्री एके शर्मा की बैठक में उन्हें बंद लिफाफे में सूची सौंपी गई है। कई दलों को भाजपा के पत्ते खुलने का इंतजार है। फिर वह अपने पत्ते खोलेंगे। कांग्रेस, सपा, बसपा और आप ने भी मेयर प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। राजनीतिक हलकों में इस बात की चर्चा हो रही है।
कार्यकर्ताओं में पनप सकता है रोष
पार्टी के पदाधिकारियों का मानना है कि जल्दी प्रत्याशियों की घोषणा से कार्यकर्ताओं में रोष पनप सकता है। टिकट के दावेदार टिकट नहीं मिलने पर असंतुष्ट हो सकते हैं। अंत समय में घोषणा होने से असंतुष्टों का विरोध सतह पर नहीं आ सकेगा। हालांकि भाजपा, सपा और बसपा के नाम से मेयर पद के लिए नामांकन पत्र खरीदे जा चुके हैं। शीर्ष नेतृत्व से हरी झंडी मिलने पर ही नामांकन दाखिल होंगे।
बागी बिगाड़ सकते हैं खेल
हर दल में टिकट को लेकर हलचल तेज है। टिकट न मिलने पर बागियों को लेकर भी सतर्कता बरती जा रही हैं, क्योंकि बागी खेल बिगाड़ सकते हैं। नगर निगम में 100 वार्ड हैं। भाजपा से प्रत्येक वार्ड से चार-चार लोगों के नाम पैनल में शामिल हैं। कांग्रेस, सपा, बसपा और आप ने भी अंतिम निर्णय के लिए संगठन को प्रत्याशियों के नाम भेज दिए हैं।