कासगंज। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश घनेंद्र कुमार के न्यायालय ने आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में आरोपी को अग्रिम जमानत नहीं दी। आरोपी की अग्रिम जमानत खारिज कर दी।
वादी प्रियंका के पति अनिल कुमार को 28 अप्रैल 2022 को सुरेंद्र सिंह और उनका बेटा कुमलेश उर्फ लालू भगवंतपुर पेट्रोल पंप पर ले जाने कि कहकर ले गए। उनके भाई उपेंद्र निवासी भरतपुर के फोन पर कुमलेश ने जानकारी दी कि बहनोई अनिल का ढक नगला वालों से विवाद हो गया था। सुरेंद्र सिंह बाइक पर अनिल कुमार को इखोना ले जा रहे थे तभी रास्ते में नहर में छलांग लगा दी। जब जानकारी की तो पता चला की उनके पति अनिल कुमार को महेश, सुरेंद्र सिंह, कुमलेश ने पेट्रोल पंप वालों की मिली भगत से मारा पीटा। जिससे उनके गंभीर चोट लगी। इलाज के दौरान उनकी हालत खराब होने पर उन्हे हजारा नहर में फेंक दिया। 29 अप्रैल 2022 को नहर से शव बरामद हुआ। 4 मई 2022 को इस मामले की ढोलना थाने में तहरीर दी। पुलिस ने महेश, सुरेंद्र, कुमलेश के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। पुलिस वे मामले की विवेचना की। इसके बाद मामले को पुलिस ने 306 में तरमीम कर दिया। मामले की विवेचना हाथरस स्थांतरित हो गई। जिसमें रेखा, मानपाल, सचिन, अशोक के नाम अनिल को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने में सामने आया। सचिन, मानपाल, अशोक की जमानत पहले ही स्वीकार हो चुकी है। रेखा ने अपनी अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।