कासगंज। जिले में कुत्ता और बंदर काटने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं है। इससे लोगों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। वैक्सीन लगवाने के लिए पीड़ितों को जिला अस्पताल तक दौड़ लगानी पड़ रही है।
ठंड के मौसम के साथ ही कुत्तों के काटने के मामले तेजी से बढ़े हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों पर एंटी रेबीज की वैक्सीन की व्यवस्था करने में सफल नहीं हो पा रहा। शहर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अशोक नगर पर तो तीन दिन से वैक्सीन नहीं है। इसी तरह अमांपुर स्वास्थ्य केंद्र पर भी कई दिन से वैक्सीन नहीं है। अन्य स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति भी ऐसी ही है। अधिकतर स्वास्थ्य केंद्रों पर वैक्सीन खत्म हो चुकी है। जिले में मात्र जिला अस्पताल पर ही वैक्सीन उपलब्ध है। ऐसे में कुत्ता काटने से पीड़ित होने वाले मरीजों को काफी दिक्क्तें होनी पड़ रही है। मरीज अपने क्षेत्र के अस्पताल पर जब वैक्सीन लगवाने पहुंचते हैं तो उनको वापस कर दिया जाता है। सोमवार को जिला अस्पताल पर एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए भीड़ देखी गई। 130 मरीज वैक्सीन लगवाने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे। ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर वैक्सीन न लग पाने से मरीजों का जिला अस्पताल तक जाने में काफी समय लग रहा है। उनको किराए के रूप में अधिक धन भी खर्च करना पड़ रहा है।
मेरे दो साल के बेटे को कुत्ते ने काट लिया। जब वह अमांपुर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा तो वैक्सीन न होने की कहकर लौटा दिया। इसके बाद वह जिला अस्पताल पर वैक्सीन लगवाने के लिए आया है-इंद्रपाल, रजपुरा, अमांपुर
जिले में एंटी रेबीज वैक्सीन की कमी नहीं है। एक वायल में 4 वैक्सीन होती है। वैक्सीन व्यर्थ न जाए इसलिए मरीज को अन्य मरीज आने के लिए इंतजार करने को कहा जाता है- डा. अवध किशोर प्रसाद, सीएमओ