कासगंज। संचारी रोग नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे दस्तक अभियान में बड़ी लापरवाही सामने आई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर सर्वे के लिए नहीं पहुंच रहीं। लापरवाही बरतने पर सिढ़पुरा, गंजडुंडवारा की सीडीपीओ, मुख्य सेविका सहित 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है।जिला कार्यक्रम अधिकारी सुशीला ने संचारी रोग एवं दस्तक अभियान कार्यक्रम के तहत सिढ़पुरा एवं गंजडुंडवारा क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। बाल विकास परियोजना सिढ़पुरा की नगर पंचायत मोहनपुर में संचालित सभी 20 आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिले। इन केंद्रों पर 12 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं आठ सहायिकाएं तैनात हैं। नगला कोठी केंद्र पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सोमवती और नगला मुरली ग्राम पंचायत मिजखुरी केंद्र पर अरुणा देवी अनुपस्थित पाई गईं। इस आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की शादी अलीगढ़ में हो जाने के कारण कभी-कभी आने की जानकारी मिली। मिजखुरी की कार्यकर्ता रेखा उपस्थित मिलीं जबकि मीराबाई अनुपस्थित पाई गई। ग्राम पंचायत हमीरपुर में तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रेखा, स्नेहलता, सुनीता एवं मालती अनुपस्थित पाई गईं। फूलमाला उपस्थित मौजूद मिलीं। सिढ़पुरा बरात घर पर संचालित केंद्र पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सीमा, शमीम बानो एवं नीलम उपस्थित पाई गई। बाल विकास परियोजना गंजडुंडवारा के अल्लेहपुर केंद्र पर तैनात आंगनबाड़ी सुमनलता, एवं निशा द्वारा अनुपस्थित मिली। निरीक्षण के दौरान सभी स्थलों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सर्वे नहीं किए जाने की जानकारी मिली। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि सिढ़पुरा एवं गंजडुंडवारा की क्षेत्रीय मुख्य सेविका एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी और दस्तक अभियान में कार्य नहीं करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं के वेतन रोकने के आदेश दिए गए हैं।