मैनपुरी। करीमगंज में बच्चों को टीले के पास से मिले प्राचीन पत्थरों को संकिसा से आए लोगों ने खरीद लिया था। इसके लिए उन्होंने पांच सौ से लेकर एक हजार रुपये तक कीमत अदा की। पत्थर अब किसके पास हैं इस बारे में जानकारी नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि टीले की खोदाई कराई जाए तो कई प्राचीन चीजें मिल सकती हैं।
कुछ दिन पहले करीमगंज में स्थित टीले के आसपास बच्चों को सिक्के और मोती के आकार के कई पत्थर मिले थे। इनके फोटो और वीडियो कुछ लोगों ने बनाए जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इसमें कोई पत्थरों को प्राचीन तो कई इन्हें महाभारत काल से जुड़ा बता रहा है जबकि हकीकत जानने के लिए इन पत्थरों का मिलना जरूरी है।
ग्रामीणों के अनुसार बच्चों से इन पत्थरों को जिला फर्रुखाबाद के संकिसा से आए मुस्लिम समुदाय के लोगों ने खरीद लिया था। इसके लिए उन्हें पांच सौ से लेकर एक हजार रुपये तक दिए गए। लगभग दस से 12 ऐसे पत्थर थे, जिन्हें लोग खरीदकर ले गए। वहीं टीले के पास से मिली महिषासुर मर्दिनी की मूर्ति गांव के ही गमा देवी मंदिर में रखी हुई है। कुरावली के बाद करीमगंज में प्राचीन पत्थर मिलने की सूचना से लोगों में उत्सुकता बढ़ा दी है।
पर्यटन मंत्री ने पुरातत्व विभाग को भेजे फोटो
मैनपुरी सदर सीट से विधायक व पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने भी संज्ञान लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया से प्राप्त फोटो और वीडियो को पुरातत्व विभाग को भेजकर जिला प्रशासन के साथ जांच करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि अगर फोटो में दिख रहे पत्थर प्राचीन हैं तो उनकी तलाश कराई जाएगी। पुरातत्वविदों से इनकी जांच कराई जाएगी ताकि वास्तविक इतिहास सबके सामने आ सके।