ताजमहल पर लपकों और फर्जी गाइडों पर कार्रवाई न किए जाने से पर्यटक धोखाधड़ी के शिकार हो रहे हैं। ऐसा ही एक मामला रविवार को सामने आया। अमेरिका के सचिव को फर्जी गाइड ने ताजमहल का दीदार कराया। फर्जी गाइड ने गले में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग का स्टेट गाइड लाइसेंस पहना था, जिस पर पर्यटन महानिदेशक के नाम की फर्जी मुहर लगी थी। अमेरिका के सचिव का प्रोटोकॉल निर्धारित था, फिर भी यह गंभीर लापरवाही हुई। इस मामले में यूपी स्टेट वेलफेयर एसोसिएशन की जांच के बाद पता लगा कि उनके सदस्यों के असली लाइसेंस पर पर्यटन महानिदेशक के तौर पर अमृत अभिजात की मुहर लगी है, जबकि फर्जी गाइड के कार्ड में अभिजात की जगह ओहिजात लिखा था।
एफआईआर दर्ज हो
यूपी स्टेट गाइड वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक दान ने बताया कि स्टेट गाइड का फर्जी पहचानपत्र लेकर अमेरिका के पर्यटक को घुमाया गया। हमने जांच कराई है, जिसमें उस व्यक्ति को कभी लाइसेंस जारी ही नहीं किया गया। फर्जी कार्ड से प्रवेश पर एएसआई और पर्यटन विभाग दोनों ही कार्रवाई करें। आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
जांच के बाद कार्रवाई
संयुक्त निदेशक पर्यटन अनूप चंद्र मिश्रा ने बताया कि जिस तरह का पहचानपत्र कथित गाइड ने पहना हुआ है, वह फर्जी प्रतीत होता है। इस पर जो मुहर लगी है, वह भी गलत है। फिर भी पर्यटन कार्यालय के अपने रिकॉर्ड से जांच कराने के बाद कार्रवाई की जाएगी।