कासगंज। अधिवक्ता मोहिनी तोमर हत्याकांड में गिरफ्तार किए गए चारों हत्यारोपियों की रिमांड के लिए पुलिस उन्हें लेकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय आई। यहां आकर चारों आरोपी बिलख पड़े। वह रोते हुए कह रहे थे कि पुलिस ने उन्हें झूठा फंसा दिया है। उनकी रिमांड निरस्त कराई जाए। हालांकि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दस दिन की न्यायिक रिमांड मंजूर कर दी। मोहिनी तोमर हत्याकांड में छह आरोपियों के खिलाफ पति बृजतेंद्र तोमर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इनमें पांच अधिवक्ता व एक विधि छात्र शामिल हैं। शनिवार की सुबह पिता व उसके तीन आरोपी पुत्रों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद दोपहर में उन्हें जब मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में रिमांड के लिए पेश किया। इस दौरान पिता मुस्तफा कामिल, इनके पुत्र असद मुस्तफा, हैदर मुस्तफा व सलमान निवासी मोहल्ला योगमाया सोरों अपने आसपास अन्य अधिवक्ताओं को पाकर वह फफक-फफक कर रो पड़े। वह रोते हुए अन्य अधिवक्ताओं से कह रहे थे कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है। वह दोषी नहीं है। उनकी रिमांड मंजूर नहीं होनी चाहिए। रिमांड की मांग को निरस्त कराया जाए। इसके बाद दोनों पक्षों की ओर से करीब 40 मिनट तक बहस हुई। इसके बाद शाम को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 16 सितंबर तक दस दिन की न्यायिक रिमांड मंजूर कर दी गई।